किशनी। डीएपी की कालाबाजारी करने वाले एक उर्वरक विक्रेता की दुकान को सील कर दिया गया है। लाइसेंस निलंबित कर एफआईआर दर्ज कराने के लिए जिलाधिकारी को पत्रावली भेजी है। एक शिकायत के बाद एसडीएम किशनी ने विक्रेता को निर्धारित से अधिक कीमत पर डीएपी की विक्रय करते पकड़ा था।
किशनी एसडीएम जयप्रकाश से मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन ने शिकायत की थी कि सोहम खाद भंडार पर डीएपी की बोरी के 1450 रुपये वसूले जा रहे हैं। शिकायत पर एसडीएम ने तहसीलदार कमल कुमार के साथ दुकान पर छापेमारी की। यहां मौजूद किसानों ने पुष्टि की कि विक्रेता अनुज कुमार यादव द्वारा उनसे डीएपी की बोरी के 1450 रुपये लिए जा रहे हैं। सूचना पर पहुंचे जिला कृषि अधिकारी डॉॅ. सूर्यप्रताप सिंह ने डीएपी के नमूने लेने के बाद दुकान में 15 डीएपी की बोरियां सील कर दीं। वहीं शाम को विक्रेता का लाइसेंस निलंबित कर एफआईआर दर्ज कराने के लिए जिलाधिकारी को पत्रावली भेजी है।
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उप जिलाधिकारी ने सोहम खाद भंडार पर तय से अधिक कीमत पर डीएपी की विक्रय का मामला पकड़ा था। डीएपी का नमूना लेने के बाद दुकान सील कर दी गई है। लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी की संस्तुति के बाद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
-डॉ. सूर्यप्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी