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एसएन कालेज के हर कोने में लगा झाड़ू

Wed, 24 Feb 2016 01:57 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
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निरंकारी बाबा हरदेव सिंह के 62वें जन्मदिवस को उनके अनुयायियों ने गुरु पूजा दिवस के रूप मनाया। जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मंगलवार को संत निरंकारी मिशन के करीब 500 स्वयंसेवक एसएन मेडिकल कालेज की सफाई में जुट गए। सुबह सात बजे से शुरू हुआ अभियान दोपहर 12 बजे तक चलता रहा। हाथों में झाड़ू लिए स्वयंसेवकों ने इमरजेंसी, क्षय रोग विभाग, स्त्री रोग विभाग, नेत्र विभाग, हृदय रोग विभाग, ओपीडी, मेडिसन विभाग, सर्जरी विभाग परिसर में सफाई की। हर कोने में झाड़ू लगाकर कचरा इकट्ठा किया। यहां तक कि कीचड़ भी साफ की। पूरे परिसर से छह ट्रैक्टर से अधिक कचरा निकला, जिसे नगर निगम ने उठवाया। प्राचार्य डा. एसके गर्ग, नगरायुक्त इंद्रविक्रम सिंह और पार्षद कुंदनिका शर्मा ने इस सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि यदि हर नागरिक में यही भाव हो तो गंदगी जैसी समस्या स्वत: समाप्त हो जाए। ऐसा ही अभियान आईएसबीटी बस अड्डा, खेरिया मोड़ पर भी चला। जोनल इंचार्ज कांता महेंद्रू ने बताया कि देश भर के 120 सरकारी अस्पतालों में ये अभियान चला है। क्षेत्रीय संचालक महेश चौहान, रविशेखर, शिशुपाल सिंह, रवि मल्होत्रा, सचिन ओबराय, राजेश निरंकारी, विजय कश्यप, जसवंत सिंह, उमेश ने सक्रिय भूमिका निभाई।  
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ठंडा पड़ा नगर निगम का स्वच्छता अभियान
आगरा। राष्ट्रीय स्तर पर कराए गए स्वच्छता सर्वे में अपना शहर ऐसे ही नहीं पिछड़ा। स्वच्छता के लिए अब तक जितने भी प्रयास हुए, उनमें से अधिकांश उदासीनता की भेंट चढ़ गए। हाल में नगर निगम द्वारा शुरू किया गया स्वच्छता अभियान इन्हीं में से एक है। मेयर ने जिस जोरशोर से अभियान का शुभारंभ किया, उतनी ही जल्दी यह ठंडा भी पड़ गया। स्थिति ये है कि न जागरूकता कार्यक्रम आगे बढ़ सका और न शहर से कूड़ा ही उठ सका।
मेयर इंद्रजीत सिंह आर्य ने तीन फरवरी को सेंट पीटर्स कालेज के पास से स्वच्छता अभियान की शुरुआत की थी। उनका दावा था कि यह अभियान साल भर चलेगा। इसमें न सिर्फ सामाजिक संगठनों को जोड़ा जाएगा बल्कि स्कूलों के बच्चों को भी शामिल कर स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा। मगर, उनका यह दावा 20 दिन में ही फेल हो गया। महज चार दिन ही स्वच्छता अभियान चल सका। वह भी खानापूर्ति में सिमट कर रह गया। मेयर कुछ पार्षदों और सफाई कर्मचारियों के साथ सफाई के लिए पहुंचे तो सही लेकिन फोटो खिंचवाने तक ही सीमित रह गए। पलटकर भी नहीं देखा कि सफाई हुई है या नहीं। संजय प्लेस, साकेत कालोनी और बेलनगंज में ही यह अभियान चल पाया। गौरतलब है कि हाल ही में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय द्वारा कराए गए स्वच्छता सर्वे में अपना शहर काफी पिछड़ गया था। यहां न तो कूड़ा उठाने की कोई उचित व्यवस्था है और न ही इसके निस्तारण की। ऐसे में अभियान भी सिर्फ फोटो सेशन तक ही सिमट कर रह गए।
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निगम अधिकारियों ने बनाई दूरी
मेयर के इस अभियान से नगर निगम के अधिकारियों ने भी दूरी बनाकर रखी। चार दिन चले अभियान में मेयर के अलावा नगर निगम का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। अभियान के फ्लाप होने की एक वजह यह भी रही।                          
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