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लिपट तिरंगे में शहीद बन आ गया

Wed, 24 Feb 2016 01:53 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
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सूर एवं नजीर को समर्पित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन शिल्पग्राम के मुख्य मंच पर हुआ। देर रात तक यहां हास्य व्यंग्य और ओज के साथ श्रृंगार रस की बयार बहती रही। कवि सम्मेलन का उदघाटन कमिश्नर प्रदीप भटनागर ने किया। आयोजन समिति ने सभी कवियों का मंच पर स्वागत, सम्मान किया।
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जाट आंदोलन, जेएनयू विवाद से लेकर पठान कोट हमला कवि सम्मेलन में छाया रहा। व्यंग्यकारों ने अपनी नजर से देश के मौजूदा हालात में राजनेताओं पर व्यंग्य कसे। पदमश्री डा. अशोक चक्रधर, सोम ठाकुर, अरुण जैमिनी, विनीत चौहान, प्रमोद तिवारी, महेंद्र अजनबी, कविता किरन, अजातशत्रु, महेश दुबे और पूनम वर्मा को सुनने के लिए श्रोता बड़ी संख्या में पहुंचे। अशोक चक्त्रस्धर और सोम ठाकुर को सुनने के लिए देर रात तक श्रोता शिल्पग्राम में बैठे रहे। कवि सम्मेलन से पहले मुख्य मंच पर शाम 7 बजे से रीता देव ने शास्त्रीय गायन, यशोदा सक्सेना ने नृत्य, सुचिता वाजपेयी ने गजल और फहीम खान ने गाना पेश किया। मुशायरे की अपेक्षा कवि सम्मलेन में लोग रात तक रहे। कवि सम्मेलन में डीएम पंकज कुमार, कॅप्टन प्रभांशु श्रीवास्तव, के सी श्रीवास्तव सहित सैकड़ो लोग देर रात तक रहे। संचालन विनीत चौहान ने किया।
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डीजीपी कार्यालय में तैनात पुलिसकर्मी अशोक मनहर ने शहीदों की शान में कविता सुनाई
लिपट तिरंगे में शहीद बन आ गया।
कविता किरन ने सुनाया
समय की झील से मोती प्रणय के चुन नही पाये
जो कहना चाहते थे, वही सुन नही पाये तुम
पवन आगरी ने रोजमर्रा की जिंदगी से जुडी हास्य कवितायें सुनाई।
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