मैनपुरी। दीपावली के बाद आसमान में स्मॉग छाया हुआ है। इसके चलते लोग बीमार पड़ने लगे हैं। सबसे अधिक मरीज खांसी, जुकाम व अस्थमा के बढ़े हैं। सरकारी अस्पतालों के रिकार्ड के अनुसार पिछले पांच दिन में करीब सात हजार मरीज एलर्जी की शिकायत लेकर उपचार कराने पहुंचे। इनमें से 318 मरीजों को अकेले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जिले में पिछले तीन दिन से स्मॉग छाया हुआ है। ऐसे में खांसी, जुकाम व अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बुधवार को सुबह से ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। यहां 700 से अधिक मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि 87 मरीज गंभीर हालत में भर्ती कराए गए। इनमें 24 मरीज अस्थमा, खांसी व जुकाम से पीड़ित थे।
भोगांव थाना क्षेत्र के गांव रुई निवासी 80 वर्षीय रेशमा देवी को परिजनों ने अस्थमा की दिक्कत होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान रेशमा देवी की मौत हो गई। अस्थमा से पिछले तीन दिनों में तीन मरीजों की मौत हो चुकी है।
अस्थमा के मरीज रखें विशेष ख्याल
चेस्ट फिजीशियन डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि स्मॉग वाला मौसम अस्थमा के मरीजों के लिए दिक्कत भरा है। अस्थमा के मरीजों को इस मौसम में बेहद सतर्कता बरतनी होगी। जरा भी दिक्कत होने पर उपचार में लापरवाही न की जाए।
अस्थमा से पीड़ित मरीज करें ये बचाव
- स्मॉग वाले मौसम में संभव हो तो घर से बाहर न निकलें।
- नाक और मुंह को ढककर रखें।
- अधिक तेल युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
- जरा भी दिक्कत होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर से उपचार लें।
- सर्दी से बचाव रखें।
- खुले में न लेटें।
पिछले कुछ दिनों से अचानक अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ी है। एक मरीज की जिला अस्पताल में मौत हुई है, वहीं कई को प्राथमिक उपचार दिया गया तो बड़ी संख्या में मरीज भर्ती भी कराए गए हैं।
डॉ. आरके सागर, सीएमएस।
मौसम में पिछले तीन दिनों से अचानक धुंध छाई हुई है। जो अस्थमा के मरीजों के लिए खतरनाक है। ऐसे में मरीजों को बचाव जरूरी है। सरकारी अस्पतालों में अस्थमा के मरीजों के लिए पर्याप्त उपचार की व्यवस्था है। खासकर वृद्ध लोगों का इस मौसम में विशेष ख्याल रखा जाए।
डॉ. एके पांडेय, सीएमओ।