डीएम ने एसीएम तृतीय से पश्चिमपुरी, दहतोरा और आवास विकास काॅलोनी क्षेत्रों में सीवेज कार्यों की जांच कराई थी, जिसमें सड़कों की खुदाई के बाद इंटरलॉकिंग और बिटुमिन नहीं पाया गया।
आगरा के जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने कलेक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली अधूरी योजनाओं की समीक्षा की। जलनिगम की निर्माण इकाई की ओर से वेस्टर्न सीवेज जोन में अधूरे काम पर कड़ी फटकार लगाई। संबंधित इंजीनियर को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। डीएम ने एसीएम तृतीय से पश्चिमपुरी, दहतोरा और आवास विकास काॅलोनी क्षेत्रों में सीवेज कार्यों की जांच कराई थी, जिसमें सड़कों की खुदाई के बाद इंटरलॉकिंग और बिटुमिन नहीं पाया गया।
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जलनिगम की ही आगरा पेयजल आपूर्ति फेज-3 और फेज-4 की समीक्षा में बताया गया कि फरवरी 2022 में काम पूरा होना था, लेकिन अब भी 91 फीसदी हो पाया है। 80 हजार लोगों को इस योजना से पानी मिलना था। डीएम ने इस पर दिसंबर तक काम पूरा करने के निर्देश दिए। जलनिगम की ही नमामि गंगे इकाई और ग्रामीण जलापूर्ति के काम अधूरे पाए जाने और भ्रमित करने वाली सूचना देने पर इंजीनियरों को फटकारा। कहा गया कि दयालबाग में ग्रामीण इकाई काम कर रही है, जहां की शिकायतें लगातार पहुंच रही हैं।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में आवास विकास, सेतु निगम, निर्माण निगम, मेट्रो, नगर निगम के कामों की समीक्षा के साथ सीएमआईएस पोर्टल पर प्रगति का ब्योरा अपडेट करने को कहा। बैठक में सीडीओ ए मनिकंडन आदि मौजूद रहे।