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श्री पारस अस्पताल प्रकरण : कोरोना संक्रमित नहीं, फिर भी करते रहे कोरोना का इलाज, कार्रवाई की मांग

Fri, 02 Jul 2021 09:22 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

राजू के बहनोई रिंकू उर्फ रजनीश यादव को 15 अप्रैल को बुखार आने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कोरोना टेस्ट कराया था। मगर, रिपोर्ट निगेटिव की आई थी। 18 अप्रैल को हृदय रोग विशेषज्ञ को दिखाया। 
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श्री पारस अस्पताल आगरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में बाईपास स्थित श्री पारस अस्पताल के खिलाफ कोर्ट में एक और प्रार्थना पत्र दिया गया है। इटावा के पीड़ित ने बहनोई की मौत के मामले में मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की मांग की है।

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युवा अधिवक्ता संघ के मंडल अध्यक्ष नितिन वर्मा ने बताया कि अधिवक्ताओं के पैनल के माध्यम से  इटावा के तहसील भरथना स्थित गांव अलियापुरा निवासी राजू सिंह यादव की ओर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया है। राजू के बहनोई रिंकू उर्फ रजनीश यादव को 15 अप्रैल को बुखार आने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कोरोना टेस्ट कराया था। मगर, रिपोर्ट निगेटिव की आई थी। 18 अप्रैल को हृदय रोग विशेषज्ञ को दिखाया। मगर, दवा से कोई फायदा नहीं हुआ। तब 19 अप्रैल को फिर से चिकित्सक को दिखाया। उन्होंने ऑक्सीजन लगाई। तब बहनोई रिंकू की हालत में सुधार हुआ।

बहनोई को श्री पारस अस्पताल में भर्ती करा दिया। डॉ. अरिन्जय जैन ने बताया कि रिंकू को कोरोना है। उनका इलाज किया जा रहा है, जबकि कोई जांच नहीं कराई गई थी। कोरोना रिपोर्ट भी नहीं दी। 26 अप्रैल की सुबह से डॉक्टर और कर्मचारियों ने ऑक्सीजन की कमी बताना शुरू कर दिया। वह ऑक्सीजन की व्यवस्था करने में जुट गए। 27 अप्रैल को एक अन्य मरीज के परिजनों से पता चला कि बहनोई की पहले ही (26 अप्रैल) को मौत हो गई थी।

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इसके बावजूद डॉक्टर और कर्मचारी ऑक्सीजन मंगाते रहे। वह ऑक्सीजन का इंतजाम करने लगे। 15 मिनट बाद में उन्हें बहनोई की मौत का प्रमाण पत्र दे दिया गया। आपत्ति करने पर गालियां देने लगे। 1.10 लाख रुपये की मांग की।

आरोप लगाया कि डॉ. अरिन्जय जैन और अन्य बहनोई रिंकू उर्फ रजनीश का इलाज कोरोना संक्रमित न होने के बावजूद भी कोविड में करते रहे। सात जून को डॉक्टर का एक वीडियो सामने आया। इसमें वह ऑक्सीजन की कमी और मॉक ड्रिल की बात कर रहे हैं। इस पर 24 मई को एसएसपी आफिस में प्रार्थना पत्र दिया। मगर, कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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अधिवक्ताओं के पैनल ने तैयार किए कागजात 
युवा अधिवक्ता संघ की एक बैठक गुरुवार को कार्यालय पर हुई। इसमें चार पीड़ितों के प्रार्थना पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार किए गए। मंडल अध्यक्ष नितिन वर्मा ने बताया कि उनके पैनल से 28 अधिवक्ता जुड़ चुके हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता उमेश वर्मा, सुनील कुमार शर्मा (संरक्षक),  नरेंद्र शर्मा, संजय पचौरी आदि ने अपना समर्थन दिया। वहीं सुनील शर्मा, नरेंद्र शर्मा, योगेश लवानिया, अरुण तेहरिया, कृष्ण मुरारी माहेश्वरी आदि ने राजू सिंह यादव के प्रार्थना पत्र को ई फाइल किया।

धीमी जांच : दस दिन बाद भी नहीं मिली मोबाइल की रिपोर्ट  
श्री पारस अस्पाल के संचालक डॉ. अरिन्जय जैन का वीडियो वायरल होने के बाद उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके अग्निहोत्री ने थाना न्यू आगरा में आठ जून को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें लोक सेवक के आदेश का उल्लंघन, महामारी अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा में आरोपी बनाया गया था। 

पुलिस अस्पताल में वीडियो बनाने वाले की तलाश कर रही थी। पुलिस ने जीवनी मंडी क्षेत्र के एक युवक को पकड़ा था। उस पर वीडियो बनाने का शक था। मगर, युवक ने पूछताछ में इनकार किया था। इस पर उसका मोबाइल चेक किया। मोबाइल में वीडियो नहीं मिला। वीडियो को डिलीट करने की आशंका पर मोबाइल को फोरेंसिक लैब भेजा गया था। मगर, दस दिन बाद भी इसकी रिपोर्ट नहीं आ सकी है। थाना न्यू आगरा के प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र सिंह बालियान का कहना है कि  रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। 

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