128 कॉलेजों वाईफाई की सुविधा दी जाएगी
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 128 कॉलेजों में वाईफाई व अन्य तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसमें डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के भी कुछ कॉलेज शामिल हैं। इसका मकसद ऑनलाइन शिक्षण को और प्रभावी बनाया जाना है।
अभ्युदय कोचिंग के माध्यम से गरीब परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों का प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने में मदद की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल पर कैबिनेट में निर्णय लिया गया है कि शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय को प्रोजेक्ट दिए जाएंगे। विश्वविद्यालय प्रोजेक्ट का प्रस्ताव बनाकर रख लें, जरूरत पड़ने पर मंगा लिया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों के पहुंचने के बाद मंच की व्यवस्था बदली
समारोह शुरू होने से पहले मंच पर उपमुख्यमंत्री, कुलपति के अलावा प्रो. ब्रजेश रावत, प्रो. वीके सारस्वत व प्रो. संतोष बिहारी शर्मा के बैठने की व्यवस्था की गई थी। उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनश शर्मा ने मंच पर पहुंचने के बाद आगरा के सांसद एसपी सिंह बघेल, फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर, राज्यमंत्री डॉ. जीएस धर्मेश और राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के चेयरमैन डॉ. रामबाबू हरित, विधायकों राम प्रताप चौहान, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, महेश गोयल, योगेंद्र उपाध्याय को भी मंच पर बुला लिया। कुर्सियों की संख्या बढ़वानी पड़ी।
दो माह में सभी लंबित प्रकरण निस्तारित करा दिए जाएंगे: प्रो. अशोक मित्तल
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में बीएड 2004-05 के टेंपर्ड प्रमाणपत्रों पर निर्णय लिया है। सत्र 2012-13 के 90 फीसदी मामलों का निस्तारण करा दिया है। 37.5 हजार डिग्रियां छात्रों के घरों पर भेजी गई हैं। 15 दिन में करीब चार लाख अंकतालिकाएं संबंधित कॉलेजों को दे दी गई हैं। डिग्री लेने के लिए छात्र नहीं आ रहे हैं।
नोडल केंद्रों के माध्यम से डिग्री छात्रों को उपलब्ध कराने की योजना है। कुलपति उपमुख्यमंत्री से वायदा किया कि दो माह में सभी लंबित प्रकरणों का निस्तारण करा दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की कमियों को देखते हुए उन्हें रोना आता है। वह आगरा में पैदा हुए, इसी विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और सेंट जोंस में शिक्षक के रूप में सेवा शुरू की।