आगरा अतिथि वन में आयोजित की गई। संगोष्ठी में जीएसटी के प्रावधानों में पिछले कुछ समय से हुए बदलावों पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई। अध्यक्ष भुवेश अग्रवाल ने कहा की बहुत से सुधारों के बावजूद जीएसटी नियमों में अभी भी बहुत सी जटिलताएं हैं ,जिसकी वजह से उद्यमी को परेशानी हो रही है। फुटवियर पर पांच फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी की जीएसटी दर निश्चित तौर पर आगरा के फुटवियर उद्योग को बहुत बड़ा झटका है।
सीए निखिल गुप्ता ने 1 जनवरी 2022 से जीएसटी में जो नए बदलाव आए हैं उनके बारे में विस्तृत जानकारी दी । उन्होंने बताया कि अब अपने सप्लायर की विस्तृत रूप से छानबीन करने के उपरांत थी उससे माल खरीदें क्योंकि अगर उसकी तरफ से कोई भी कमी पाई गई तो इनपुट क्रेडिट का लाभ नहीं मिलेगा । प्रावधानों के अनुसार किसी भी डिमांड की स्थिति में आपकी संपत्ति या अकाउंट्स प्रोविजनल रूप से विभाग अटैच कर सकता है ।इस बात पर भी चिंता जताई गई की नए नियमों में कुछ नियमों को पिछली तिथि से प्रभावी कर दिया गया है जो कि सर्वथा अनुचित है।
सीए गौरव गोयल ने जीएसटी के अनुपालन में हो रही तकलीफों के बारे में सुझाव दिए और उपस्थित सदस्यों को उनके द्वारा सामान्य तौर पर की जा रही गलतियों के बारे में भी बताया उसका निराकरण भी बताया। लघु उद्योग भारती आगरा महासचिव विजय गुप्ता ने सभी सदस्यों को विश्वास दिलाया कि जीएसटी विभाग से आ रही कोई भी समस्या के निदान के लिए संस्था हमेशा तत्पर है।
जूता दस्तकार फेडरेशन ने जूता पर 5 त्न से 12 त्न जीएसटी कर दिए जाने के विरोध मे जिलाधिकारी को कलेक्ट्रेट पर ज्ञापन देकर विरोध दर्ज कराया। छीपीटोला से जुलूस के रूप में जूता दस्तकार फेडरेशन के सदस्य कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां उन्होंने जीएसटी की बढ़ोतरी वापस लेने की मांग उठाई।
दुकानों पर लगाए काले बैनर
जीएसटी की बढ़ोतरी वापस लेने की मांग को लेकर किए गए बंद में व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान के शटर पर काले बैनर लगाए जिस पर कई तरह के नारे लिखे हुए थे जिसमें केंद्र सरकार को चेताया गया। कई व्यापारियों ने आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए जीएसटी बढ़ोतरी वापस लेने के नारे लिखे। सुभाष पार्क, एमजी रोड, नालबंद, सदर भट्टी, हिंग की मंडी, मंटोला, छीपीटोला, चक्की पाट, जगदीशपुरा, किशोरपुरा, रामनगर पुलिया, प्रकाश नगर, टेडी बगिया, लाल मस्जिद, लंगड़े की चौकी आदि जगहों पर इकाइयों में काम बंद रहा।