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शिव भक्तों ने मनाई सावन मास की शिवरात्रि, घरों में की पूजा-अर्चना

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वृंदावन श्रावण मास के शिवरात्रि पर बनखंडी महादेव पर पूजा अर्चना करते श्रद्धालु - फोटो : VRINDAVAN
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वृंदावन (मथुरा)। रविवार को शिव भक्तों ने सावन मास की शिवरात्रि का पूजन किया। घर में विराजमान ठाकुर जी का पूजन किया। वृंदावन के प्रख्यात शिव मंदिर इस दिन वीकेंड लॉकडाउन के चलते बंद होने के कारण बाहरी भक्त जलाभिषेक भी नहीं कर सके।
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महाशिवरात्रि के साथ अब सावन मास की शिवरात्रि पर पूजन का प्रचलन बढ़ने लगा है। परंपरागत शिव भक्तों ने रविवार को सावन मास की शिवरात्रि का पूजन किया। घरों में ही शिवजी पर जल चढ़ाया। जो मंदिर खुले हुए थे वहां पहुंचकर शिवलिंग पर जल चढ़ाया। घी-शहद, दूध के साथ पूजन किया। अनेक लोग उपवास भी रहे।
सर्वार्थ सिद्धि का योग आज, पांच ग्रह अपनी राशि में होंगे
ज्योतिषी दृष्टिकोण से सुखद संयोग सोमवती अमावस्या के अवसर पर सोमवार को बन रहा है। श्रावणी अमावस्या हरियाली अमावस्या के रूप में मनाई जा सकेगी। सोमवती अमावस्या भी इसी दिन मनाने का संयोग 20 वर्ष बाद मिल रहा है।
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ज्यातिषाचार्य आलोक गुप्ता का मानना है कि इस दिन कई सुखद संयोग भी ज्योतिष मत से बन रहे हैं। इसमें मुख्य रूप से 5 ग्रह चंद्र, बुध, गुरु, शुक्र और शनि अपनी-अपनी राशियों में विराजमान रहेंगे, जिन्हें शुभ संकेत के रूप में गिना जा रहा है। इसके अलावा हरियाली अमावस्या पर सर्वार्थसिद्धि योग, पुनर्वसु नक्षत्र, सावन सोमवार, सोमवती अमावस्या और स्नानदान की श्रावणी अमावस्या का भी विशेष संयोग देखने को मिलेगा।
इसके अलावा सावन मास की अमावस्या व पूर्णिमा भी इस बार सोमवार को होने का अनूठा संयोग बन रहा है। 47 वर्ष बाद बना संयोग पांच-पांच सोमवार वाले सावन मास में सोमवती अमावस्या व सोमवारी श्रावणी पूर्णिमा का सुखद संयोग 47 वर्ष बाद बना है। ज्योतिष मत में यह सुखद भविष्य के परिवर्तनकारी संकेत माने गए हैं। कोरोना नामक बीमारी सितंबर 2020 से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
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