बदमाश विनोद से बरामद पिस्टल।
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स्पेशल सेल डीसीपी प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि चार नवंबर को तड़के पेपर मार्केट, गाजीपुर के पास घेराबंदी की गई। सुबह 4.20 बजे सपेरा बस्ती की तरफ से बाइक पर आते दो युवकों को देख पुलिस ने जिप्सी से रोड ब्लॉक कर दिया। दोनों बदमाशों को सरेंडर करने के लिए कहा गया, पर दोनों ने फायरिंग शुरू कर दी।
एक गोली एसआई हर्दवारी लाल व हवलदार मोहित को लगी। मगर, बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होने के कारण दोनों बच गए। जवाबी कार्रवाई में एक गोली विनोद के बाएं पैर में लगी। पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया। मौके से विजय विहार, गाजियाबाद से चोरी की गई बाइक, पिस्टल व छह कारतूस बरामद किए गए हैं। विनोद के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, रॉबरी व चोरी के दिल्ली, यूपी व हरियाणा में 12 से अधिक मामले दर्ज हैं।
विनोद उर्फ दादा 2001 में रोहतक जेल में बंद था। जेल में ये अशोक प्रधान व नीतू दबोदिया के संपर्क में आया और उसके गिरोह में शामिल हो गया। पश्चिमी विहार में डकैती डालने के आरोप में विनोद व नीतू अन्य साथी गिरफ्तार हुए। नीतू दबोदिया दो जुलाई, 2013 को वसंतकुंज इलाके में मुठभेड़ में मारा गया। पारस व प्रदीप भोला को वर्ष 2015 में नीरज बवानिया व उसके साथियों ने जेल वैन में मार दिया था।
20 वर्ष से अपराध की दुनिया में है विनोद
झज्जर, हरियाणा में 1978 में पैदा हुआ विनोद नौवीं कक्षा तक पढ़ा है। ये करीब 20 वर्ष से अपराध की दुनिया में है। विनोद वर्ष 2001 में हत्या का प्रयास के आरोप में गिरफ्तार हुआ था। रोहतक जेल में इसकी मुलाकात नीतू दबोदिया व अशोक प्रधान से हुई। इसके खिलाफ दिल्ली, यूपी व हरियाणा में 12 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।