फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महायज्ञ के साथ शांतिनाथ विधान का समापन

विज्ञापन
विज्ञापन
फिरोजाबाद। सेठ छदामीलाल जैन मंदिर महावीर जिनालय में मुनिश्री सुरत्न सागर महाराज के सानिध्य में 108 दिन से आयोजित शांतिनाथ विधान का रविवार को विधिविधन के साथ समापन हो गया। समापन के अवसर पर विश्वशांति महायज्ञ का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्घालुओं ने गाजेबाजे के साथ पूजा-अर्चना की और विश्वशांति के लिए मनोकामना मांगी।
विज्ञापन

समापन कार्यक्रम में रविवार सुब सर्वप्रथम इंद्र स्वरूप श्रद्धालुओं ने श्रीजी का अभिषेक किया। इसके बाद संपूर्ण वर्षायोग में किए गए शांतिनाथ विधान का समापन पूर्ण आहुति देकर किया गया। विधान में शामिल लोग मंत्रमुग्ध हो गए। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहूतियां देकर भगवान से संसार में सुख और शांति की कामना की। कार्यक्रम में वर्षायोग समिति अध्यक्ष निमिष जैन, शैलेंद्र जैन, संभव प्रकाश जैन, मनोज जैन दद्दा, राज जैन, जयंती प्रसाद, मुकेश जैन, राजीव जैन आदि मौजूद रहे।
कषाय और मिथ्यात्व की छत्रछाया में जीवन स्वर्णमयी नहीं हो सकता: विवेक सागर
फिरोजाबाद। रत्नत्रय दिगंबर जैन मंदिर नसियाजी में राष्ट्रसंत सप्तम पट्टाधीश आचार्यश्री विवेकसागर महराज ने कहा कि सोना बनने की इच्छा, स्वर्ण पाने की इच्छा और सोना निर्माण की इच्छा हर प्राणी की रहती है। यदि हमारे परिणामों में मिथ्यात्व और कषाय की छत्रछाया है तो उस मिथ्यात्व और कषाय की छत्रछाया में हमारा जीवन त्रिकाल में भी स्वर्णमयी नहीं बन सकता है। आचार्यश्री की धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें