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60 फीसदी से कम प्रवेश तो बंद होंगे स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम

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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के आवासीय इकाई के संस्थानों में संचालित स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में सीटों के सापेक्ष 60 फीसदी से कम छात्र-छात्राओं का प्रवेश होने पर संबंधित पाठ्यक्रम को शासनादेश के अनुपालन में बंद किया जाएगा। इस विषय पर मंगलवार को प्रभारी कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय की अध्यक्षता में बृहस्पति भवन में हुई आवासीय इकाई के विभागाध्यक्षों व निदेशकों की बैठक में चर्चा की गई।
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प्रभारी कुलपति ने कहा कि जिन स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में पर्याप्त संख्या में छात्रों ने प्रवेश लिया है और शिक्षण शुल्क से संविदा शिक्षकों का भुगतान किया जा सकता है, ऐसे सभी विभागों में संविदा शिक्षकों का वेतन बढ़ाने की योजना है। इसके लिए जल्द ही विज्ञापन निकाला जाएगा। शासनादेश के अनुसार रोस्टर लगाकर संविदा पर योग्य शिक्षकों की नियुक्ति भी की जाएगी। इससे शिक्षकों की कमी भी दूर होगी।
स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों का पिछले तीन वर्षों के आय-व्यय का वितरण विभागाध्यक्षों को देना होगा। विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, फार्मेसी विभाग, केएमआई के विदेशी भाषा विभाग सहित कुछ अन्य स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में छात्रों की संख्या है। जबकि ललित कला संस्थान के बीएफए परफार्मिंग आर्ट, मूर्तिकला में प्रवेश के लिए बहुत कम आवेदन प्राप्त हुए हैं।
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प्रभारी कुलपति ने कहा कि परीक्षा का परिणाम आने के साथ अब सत्र नियमन और अकादमिक उत्कृष्टता पर जोर देना है। विभागों में विजिटिंग फैकल्टी और सुविख्यात आचार्यों को व्याख्यान के लिए आमंत्रित किया जाना है। बैठक में प्रो. यूसी शर्मा, प्रो. मनोज श्रीवास्तव, प्रो. मीनाक्षी श्रीवास्तव, प्रो. प्रदीप श्रीधर, प्रो. संजीव शर्मा, प्रो. वीके सारस्वत, प्रो. पीके सिंह, प्रो. बीपी सिंह, प्रो. मोहम्मद अरशद, प्रो. अनिल गुप्ता, प्रो. लवकुश मिश्रा, प्रो. आरके अग्निहोत्री मौजूद रहे।
पीएचडी की प्रवेश प्रक्रिया जल्द शुरू होगी
आगरा। प्रभारी कुलपति ने कहा कि पीएचडी में प्रवेश के लिए प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। प्रवेश समिति का गठन कर प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। कॉलेजों और विभागाध्यक्षों से खाली सीटों का ब्योरा मांगा गया है।
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