आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है। एडीजी आगरा जोन राजीव कृष्ण ने बुधवार को ब्रज की सीमा से सटे राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा के जिलों के अधिकारियों के साथ जूम मीटिंग की। इसमें अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण पर मंथन किया गया। तय हुआ कि समन्वय से पुलिस काम करेगी। शराब की तस्करी, अपराधियों के मूवमेंट, हवाला की रकम लाने वालों पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
एडीजी जोन राजीव कृष्ण ने बताया कि जूम मीटिंग में आगरा, मथुरा, अलीगढ़ के अलावा भरतपुर, धौलपुर, भिंड, मुरैना, हरियाणा के पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। डेढ़ घंटे चली बैठक में कई बिंदुओं पर मंथन किया गया। इसमें तय किया गया कि चारों राज्यों की पुलिस एक दूसरे से बेहतर समन्वय स्थापित करेगी।
संयुक्त रूप से की जाएगी चेकिंग
अपराधियों की धरपकड़ में सहयोग किया जाएगा। सीमाओं पर संयुक्त रूप से चेकिंग की जाएगी। बैठक में एडीजी के अलावा आईजी नचिकेता झा, आईजी रेवाड़ी रविकरण, आईजी भरतपुर, एडीजी चंबल, एडीजी भिंड, सहित चारों राज्यों के सीमावती जिलों के सीओ और थाना प्रभारी सहित मौजूद रहे।
बैठक के प्रमुख बिंदु
- हरियाणा और मध्य प्रदेश के रास्ते अपराधी आते हैं। वारदात कर फरार हो जाते हैं। राज्यों की सीमा पर पुलिस की सक्रियता बढ़ाई जाए, जिससे अपराधियों के मूवमेंट को रोका जा सके।
- चुनाव के दौरान अवैध तरीके से शराब मंगाई जाती है। राजस्थान और हरियाणा में उत्तर प्रदेश के मुकाबले शराब सस्ती है। तस्करी करके शराब यहां लाई जाती है। तस्करी रोकने के लिए बैरियर लगाकर चेकिंग की जाए।
- मेवात और भरतपुर के साइबर ठग लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसे में साइबर ठगों के बारे में एक दूसरे के राज्य की पुलिस समन्वय से काम करे, जिससे अपराधियों की धरपकड़ की जा सके।
- अवैध तरीके से हथियार लाने वालों के बारे में जानकारी जुटाई जाए। अपराधियों का डाटा एक दूसरे से साझा करें, जिससे कार्रवाई की जा सके।
एक से दस लाख तक में पाबंद होंगे खुराफाती
आगरा में चुनाव के मद्देनजर पुलिस ने खुराफातियों पर नजर रखना शुरू कर दिया है। चुनाव में गड़बड़ी करने वालों को पाबंद किया जाएगा। इसके लिए बीट के सिपाही से रिपोर्ट ली जाएगी। वो सत्यापन का कार्य घर-घर जाकर करेंगे। थाना प्रभारी और सीओ की रिपोर्ट लगने के बाद कार्रवाई होगी। पाबंद करने की धनराशि एक लाख से लेकर दस लाख तक होगी।
पुलिस लाइन में चुनाव सेल तैयार हो चुकी है। चुनाव आचार संहिता लगने पर निरोधात्मक कार्रवाई शुरू होगी। एडीजी राजीव कृष्ण ने बताया कि चुनाव में व्यवधान डालने वालों को चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए पूर्व में दर्ज मुकदमों को खंगाला जा रहा है। चुनाव के दौरान जेल जाने वालों की सूची तैयार की जा रही है। बीट सिपाही से दिखवाया जाएगा कि यह क्या कर रहे हैं।
रिपोर्ट मिलने पर पाबंद करने की रिपोर्ट भेजी जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि घर बैठे पाबंद करने की कार्रवाई तो नहीं की जा रही है। इसकी समीक्षा की जाएगी, जिससे पाबंद किए गए लोग पुलिस की कार्रवाई पर किसी तरह का सवाल नहीं उठा सकें। पहचान एप सभी डाटा निकलवाया जाएगा। एक लाख से दस लाख तक में पाबंद किए जाएंगे।
पहचान एप में अपराधियों का ब्योरा
एडीजी जोन राजीव कृष्ण ने पहचान एप तैयार कराया है। इसमें पिछले दस साल के अपराधियों का डाटा फीड किया गया है। कौन घर में है, क्या कर रहा है, अगर घर में नहीं हैं तो कहां रह रहे हैं, क्या कर रहे हैं, इस सब की जानकारी के लिए बीट का सिपाही अपराधी के घर पर दस्तक देता था। इसके बाद रिपोर्ट दी जाती है। इसे पहचान एप में फीड किया जाता है। इस जानकारी को अधिकारी भी देख सकते हैं। इसके साथ ही हिस्ट्रीशीटरों का भी पूरा ब्योरा एप में मौजूद है।