अन्य विकल्प
ओटीएस योजना का फायदा ऑनलाइन नगर निगम की वेबसाइट
nagarnigamagra.com पर भी ले सकते हैं। अगर ऑनलाइन गृहकर जमा नहीं करा पा रहे हैं तो सरल फॉर्म पर अपना नाम, पता, मकान नंबर भरकर किसी निगम या कैंप कार्यालय में जमा करा सकते हैं। इस फॉर्म पर किसी अधिकारी के हस्ताक्षर की भी आवश्यकता नहीं है।
समस्या हो तो इनसे करें संपर्क
जोन नाम फोन नंबर
हरीपर्वत जोन सुभाष चंद्र भारतीय 9458550005
लोहामंडी जोन सुभाष चंद्र भारतीय 9458550005
छत्ता जोन विजय कुमार 7300740641
ताजगंज जोन सीपी सिंह 7300740647
हिंदी संस्थान ने जमा कराए 1.43 करोड़ रुपये
खंदारी रोड स्थित केंद्रीय हिंदी संस्थान पर नगर निगम का 3.10 करोड़ रुपये बकाया गृहकर था। संस्थान पर इस साल का गृहकर 4,35,207 रुपये और पुराना गृहकर बकाया 1,38,94,687 रुपये था, जिस पर ब्याज के रूप में 1.66 करोड़ रुपये चुकाने थे। कुल गृहकर 3,10,03,523 रुपये बना।
एकमुश्त समाधान योजना का लाभ लेने पर 1,66,73,624 रुपये माफ हो गए, जिसके बाद केंद्रीय हिंदी संस्थान ने नगर निगम को 1.43 करोड़ रुपये गृहकर के रूप में जमा कराकर ओटीएस योजना का लाभ लिया। इस योजना से संस्थान को 1.66 करोड़ रुपये का फायदा पहुंचा। इससे पहले सेंट जोंस कालेज ने गृहकर के बकाए 59,70,344 रुपये में से केवल 29,09,859 रुपये जमा कराया। इस तरह कॉलेज को 30.60 लाख रुपये की ब्याज में छूट मिल गई।
'टैक्स सॉफ्टवेयर में बदलाव किए'
अपर नगर आयुक्त विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि जो लोग ऑनलाइन ओटीएस का फायदा लेना चाहते हैं, उनके लिए पूरी तरह से फेसलैस व्यवस्था की गई है। बिना किसी अधिकारी, कर्मचारी के संपर्क के वह इस योजना में ऑनलाइन अपना बकाया गृहकर जमा करा सकते हैं। सॉफ्टवेयर में हमने बदलाव कर दिए हैं।
'नेशनल चैंबर निगम से लगवाएगा शिविर'
नेशनल चैंबर के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि नेशनल चैंबर ने ब्याज माफी की मांग की थी, जो नगर निगम ने अब लागू कर दी है, इसलिए औद्योगिक इकाइयों को इसका लाभ उठाना चाहिए। नेशनल चैंबर इसके लिए शिविर लगाने को तैयार है। नगर निगम के साथ मिलकर कैंप लगाया जएगा और चैंबर ओटीएस योजना के तहत बकाया संपत्तिकर जमा कराएगा।