बच्चों की काउंसिलिंग की
बच्चों के तिलक लगा, तालियां बजा और फूलमाला पहनाकर स्कूलों में स्वागत किया है। इससे बच्चों पर मानसिक रूप से अच्छा प्रभाव पड़ा है। पढ़ाई का एकदम दबाव न बने, इसके लिए काउंसिलिंग भी की है। - संजय तोमर, अध्यक्ष नप्सा
बढ़ेगी बच्चों की संख्या
पहले दिन स्कूलों में उपस्थिति 35 से 40 फीसदी ही रही है। अभी अभिभावक भी चिंतित हैं। आने वाले दिनों में बच्चों की संख्या लगातार बढ़ेगी। पहले दिन स्कूलों में खुशनुमा माहौल पर जोर दिया गया है। - डॉ. गिरधर शर्मा, उपाध्यक्ष अप्सा
दोस्तों को देखकर खुशी हुई
सुबह जल्दी जगी और झटपट तैयार भी हो गई। मम्मी ने टिफिन भी लगा दिया। गेट पर अपने दोस्तों को देखकर खुशी हुई। उनसे खूब बातें की और मुझे बहुत अच्छा लगा। - देवांशी सिंह, कक्षा छह
दोस्तों से मिलने की थी जल्दी
कोरोना-कोरोना सुनकर परेशान हो गया था। दोस्तों से मिल भी नहीं पाया था। दोस्तों से मिलने की इतनी जल्दी थी कि मैं सुबह खुद ही जगकर सबसे पहले तैयार हो गया। - स्वास्तिक गर्ग, कक्षा सात
पहले जैसा धमाल नहीं
पांच महीने बाद आज पहली बार स्कूल गई। दोस्त मिले, पहले की तरह इंटरवल जैसा धमाल नहीं मचाया, लेकिन दोस्तों के साथ खूब बातें की, मन को सुकून मिला है। - साक्षी अग्रवाल, कक्षा आठ
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