पथराव के दौरान जन शताब्दी एक्सप्रेस का टूटा शीशा
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार की दोपहर को दो बजे जनशताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव कर दिया गया। इस घटना में 200 से ज्यादा यात्रियों को चोटें आई हैं। निजामुद्दीन से चलकर कोटा जा रही जनशताब्दी एक्सप्रेस दोपहर को करीब दो बजे फरीदाबाद में पहुंची थी।
जब मथुरा आने के लिए ट्रेन ने फरीदाबाद स्टेशन क्रास किया तो रेलवे लाइन किनारे खड़ी भीड़ ने अचानक जनशताब्दी एक्सप्रेस पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए।
गर्मियों का समय होने के कारण अधिकांश खिड़की खुली हुईं थीं लिहाजा यात्रियों को पत्थर लग गए। पचास यात्री घायल हो गए जिन्हें फरीदाबाद में उपचार दिलाया गया है।
200 यात्री ऐसे थे जिनमें किसी के हाथ में पत्थर लगा है तो किसी के सिर में। बच्चों के भी चोट आई है। जब 5-39 पर जनशताब्दी मथुरा पहुंची तो यात्रियों ने अपनी पीड़ा सुनाई। तमाम लोग तो दर्द के मारे कराह रहे थे। महिलाएं रो रही थीं।
मथुरा जंक्शन पर भी प्रदर्शनकारियों का तांडव
रेल रोकते प्रदर्शनकारी
- फोटो : अमर उजाला
दलित और वाल्मीकि समाज के लोगों का एक घंटे तक मथुरा के रेलवे जंक्शन और ट्रैक पर कब्जा रहा। प्रदर्शनकारी भिवानी पैसेंजर के इंजन पर चढ़ गए और नारेबाजी की।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने दुकानदारों का पानी लूट लिया और डस्टबिन फेंक दिए। सब कुछ पुलिस प्रशासन के सामने होता रहा, लेकिन किसी ने रोकने की हिम्मत नहीं जुटाई।
कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के बाद हजारों की भीड़ दोपहर 12:30 बजे रेलवे जंक्शन पहुंच गई। इसके बाद जंक्शन के दिल्ली एंड पर प्लेटफार्म, एक, दो, तीन और चार पर जमकर हंगामा किया।
100 कार्टन पानी की बोतल लूटीं
रेल रोकते प्रदर्शनकारी
- फोटो : अमर उजाला
प्लेटफार्म तीन पर रखे दुकानदार खुर्शीद अहमद व एक अन्य दुकानदार के 100 कार्टन पानी की बोतल व थैलियों को लूट लिया। बाकी प्लेटफार्म पर दुकानों के आगे रखे डस्टबिन ठोकर मारकर फेंक दिए और फल आदि लूट लिए।
पूरे स्टेशन परिसर, सर्कुलेटिंग एरिया, रेलवे ट्रैक पर आंदोलनकारी जमे रहे और नारे लगाए। कई बार आंदोलनकारी ट्रेन के डिब्बों में चढ़ गए। यात्रियों ने विरोध किया तो उनसे अभद्रता व धक्कामुक्की की। धक्का लगने से एक यात्री गिर गया। उसके सिर में चोट आई है।
एक घंटे से अधिक समय तक चले हंगामे को आरपीएफ, जीआरपी, एसपी सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, एडीएम प्रशासन, सीओ सिटी सहित शहर की पुलिस मूक बनकर देखती रही।