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आईजी की टॉप टेन सटोरिया सूची में शामिल 'डीके' गिरफ्तार, सामने आई चौंकाने वाली जानकारी

Mon, 23 Dec 2019 12:30 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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सट्टा का आरोपी डीके उर्फ देवेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में आईजी की टॉप टेन सटोरिया सूची में शामिल डीके उर्फ देवेंद्र सिंह को थाना सिकंदरा पुलिस और क्राइम ब्रांच ने रविवार को पकड़ लिया। वो आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर 13 में मकान में जुआ खिला रहा था। उसके साथ चार और लोग पकड़े गए। उनके खिलाफ जुआ अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर 13 स्थित मकान नंबर 290 बी में रविवार सुबह जुआ खेले जाने की सूचना पर सिकंदरा पुलिस और क्राइम ब्रांच ने छापा मारा। पांच जुआरियों को पकड़ लिया गया। 

पकड़े गए आरोपियों में सेक्टर पांच निवासी देवेंद्र सिंह उर्फ डीके, काजीपाड़ा निवासी आकाश, छीपीटोला स्थित कटरा गढ़रियान निवासी संजीव कुमार, ईदगाह कटघर निवासी चंद्रप्रकाश और ईदगाह स्थित किशनगढ़ निवासी संजय कुमार हैं।
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आरोपियों के पास से 60,650 रुपये, ताश की गड्डी, छह मोबाइल और एक आधार कार्ड बरामद हुआ। आधार कार्ड सटोरिये डीके के पास से मिला। उस पर डीके का फोटो लगा था, जबकि नाम रविंद्र लिखा था। उसने फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनवाया था। डीके पर दो मुकदमों की जानकारी मिल गई है। यह थाना शाहगंज और लोहामंडी के हैं। 

सट्टे की रकम से खोले कोल्ड स्टोरेज, पेट्रोल पंप

पुलिस की गिरफ्त में आया डीके उर्फ देवेंद्र का नाम पुलिस की टॉप टेन सटोरियों की लिस्ट में यूं ही शामिल नहीं हुआ। जगदीशपुरा क्षेत्र में पर्ची सट्टा कराने में उसका बड़ा नाम है। वो 19 साल से सट्टे से जुड़ा हुआ है। उसने सट्टे की रकम से कोल्ड स्टोरेज से लेकर पेट्रोल पंप तक खोल लिया। उसकी करोड़ों की संपत्ति है। पुलिस की जांच में यह सामने आया है।

थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि डीके उर्फ देवेंद्र वर्ष 2000 से सट्टा करा रहा है। वह बीकॉम पास है। इसके बाद सीए भी कर चुका है। उसके दो स्कूल हैं। एक आवास विकास कॉलोनी में तो दूसरा फतेहपुर सीकरी में है। एक स्कूल डीके की पत्नी चलाती है, वह प्रिंसिपल है। इनमें कक्षा आठ तक की पढ़ाई होती है। 
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शमसाबाद में कोल्ड स्टोरेज भी है। भरतपुर में पेट्रोल पंप भी चला रखा है। वहीं बेटा लखनऊ में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। डीके दो बार जेल गया, हर बार उसने समर्पण किया था। पुलिस नहीं पकड़ सकी। उसकी करोड़ों की संपत्ति की जानकारी पुलिस को मिली है। अब पुलिस उसकी संपत्ति का ब्योरा निकलवाएगी। इसके बाद संपत्ति को कुर्क किया जाएगा। वह दिल्ली से पर्ची का सट्टा कराता है।

पुलिस से बचने के लिए बनाया फर्जी आधार कार्ड

पुलिस ने बताया कि आरोपी डीके ने पुलिस से बचने के लिए फर्जी आधार कार्ड भी बनवाया था। इस पर अपनी फोटो लगा रखी थी। उस पर नाम रविंद्र लिखा हुआ था। इस आधार कार्ड की मदद से खुद को रविंद्र बताता था।
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