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सत्ता का संग्राम: आगरा में चुनावी रथ ने जाना मूड, युवा बोले- सरकार जो कहे... वो करे; हमारे सपनों के साथ न खेले

Wed, 17 Apr 2024 01:16 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

Loksabha Chunav 2024: अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' बुधवार को ताजनगरी पहुंचा। यहां आगरा यूनिवर्सिटी के खंदारी कैंपस पर युवाओं से चर्चा हुई। युवाओं ने सबसे पहले तो पेपर लीक के मुद्दे को प्रमुखता से रखा। वहीं कुछ ने बेरोजगारी पर अपनी बात रखी। 
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सत्ता का संग्राम: ताजनगरी में चुनावी रथ ने जाना युवाओं का मूड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लोकसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच अमर उजाला का चुनावी रथ सत्ता का संग्राम 17 अप्रैल को आगरा पहुंचा। इस दौरान ताजनगरी के युवाओं का चुनावी मूड और उनके मुद्दे जानने के लिए टीम आगरा यूनिवर्सिटी के खंदारी कैंपस पहुंची। यहां युवाओं ने बेरोजगरी, शिक्षा और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर अपने मन की बात शेयर की।  

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एक छात्रा ने कहा कि हमारे क्षेत्र जगदीशपुरा में पानी की काफी समस्या है। नेता चुनाव के समय कहते हैं समस्या ठीक करा देंगे। वोट लेने के बाद पांच वर्ष दिखाई नहीं देते। समस्या जस की तस रहती है। वहीं अल्पसंख्यक समुदाय की छात्रा ने कहा कि सरकार को अल्पसंख्यक लोगों के रोजगार के लिए कुछ व्यवस्था करनी चाहिए। 

वहीं मूल रूप से मैनपुरी की छात्रा सलोनी, जो आगरा में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार वही योजनाएं बनाए, जो पूरा कर सके। युवाओं को सपने दिखाकर उनके सपनों के साथ न खेले। महिला सुरक्षा पर कठोर कानून बने। कहा कि सरकार की अभ्युदय योजना जो आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए है, लेकिन हम कई बार गए, वहां पर लोग टहलाते रहे, हमे प्रवेश नहीं मिल पाया। इस तरह सरकार युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ कर रही है। 
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छात्र यशवर्धन ने कहा कि किसानों को तकनीकि जानकारी देनी चाहिए। ताकि जो काम कंपनियां कर रही हैं। किसान भी कुछ हद तक अपना काम कर सके। उदाहरण के लिए जैसे किसान आलू उगाता है तो चिप्स भी बना सके। कहा कि आरक्षण पर एक बार रिव्यू करने की जरूरत है। जब आरक्षण शुरू किया गया था, उस समय हालात अलग थे, अब हालात अलग हैं। अब सभी लोग समान हैं। आरक्षण आर्थिक रूप से देने की जरूरत है।   
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