आगरा में अवैध कब्जा हटाने गई पुलिस-प्रशासन की टीम पर राधास्वामी सत्संग सभा के सत्संगियों ने हमला बोल दिया। सत्संगियों ने चारों तरफ से पुलिस को घेरकर लाठी-डंडे और पत्थर बरसाए। इसमें सीओ और कई पुलिसकर्मी समेत 40 लोग घायल हो गए। बुलडोजर, ट्रक और ट्रैक्टर क्षतिग्रस्त कर दिए। हमलावर कंटीले हथियार लेकर आए थे।
आगरा के दयालबाग की स्थापना (20 जनवरी 1915 को) के समय सत्संगियों को सुपरमैन बनाने का विचार रखा गया था। राधास्वामी मत के परमपूज्य हुजूर साहब जी महाराज सत्संगियों को सुपरमैन बनाना चाहते थे। पर, अब रविवार को हालात बदले नजर आए।
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लोगों का आरोप है कि राधास्वामी सत्संग सभा के पदाधिकारियों ने जमीन के लिए सत्संगियों को बलवाई बना डाला। उधर, प्रशासन की एफआईआर में शनिवार को बलवा करने पर 10 सत्संगियों को नामजद किया जा चुका है। अध्यक्ष और दो उपाध्यक्षों को तहसील की टास्क फोर्स ने भूमाफिया घोषित करने की सिफारिश की है।
1984 में दयालबाग कॉलेज की छत से हुआ था पथराव
रविवार को पुलिस और प्रशासन की टीम पर महिलाओं और बच्चों को आगे कर किए गए पथराव की यह घटना पहली नहीं है। 1984 में भूड़ का बाग से सटे दयालबाग के रास्ते के विवाद में सत्संग सभा ने दयालबाग कॉलेज की छत से ग्रामीणों पर पथराव कराया था।
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ग्रामीणों का रास्ता इसी तरह बंद कर दिया गया था। तत्कालीन एसपी सिटी अरविंद जैन ने एसडीएम के साथ मिलकर समझौता कराया था और एक नया रास्ता ग्रामीणों को दयालबाग माइनर के साथ दिया था।
नौ बीघा जमीन से 1650 एकड़ तक पहुंचे
1915 में राधास्वामी सत्संग सभा दयालबाग ने आध्यात्मिक संस्था के रूप में शुरूआत की, लेकिन जमीनों से मोह बरकरार रहा। दयालबाग की बुनियाद के साथ 11 जून 1915 को 9 बीघा जमीन खरीदी गई जो 1650 एकड़ हो गई है। ज्यादातर जमीन ब्रिटिश सरकार के समय कॉलोनी, इमारत, ईंट-भटठे, बिजलीघर आदि के लिए अधिगृहीत कराई गई थी।
बाद में आसपास के सात गांवों के किसानों की जमीनों पर कब्जे के आरोपों के बीच मौजूदा जमीनों के ऑडिट की मांग की जा रही है। किसान नेता भूरी सिंह का आरोप है कि सत्संग सभा का सरकारी जमीन पर कब्जा ज्यादा है। उनके कागजों के आधार पर पूरी जमीन की माप कराई जाए तो किसानों की जितनी जमीन घेरी गई है, उसका पता चल जाएगा।
सत्संगियों का हमला, 12 पुलिस कर्मियों समेत 40 घायल
आपको बता दें कि आगरा में राधास्वामी सत्संग सभा दयालबाग के अवैध कब्जा कर बनाए गेट को रविवार की शाम तीसरी बार हटाने पहुंची पुलिस-प्रशासन की टीम पर सत्संगियों ने हमला बोल दिया। पुलिस को चारों ओर से घेरकर पथराव किया, जिसमें 12 पुलिसकर्मियों समेत 40 लोग घायल हो गए।
शनिवार को प्रशासन ने टेनरी पर गेट नंबर 8 और श्मशान घाट रोड पर बनी दीवार और गेट को ढहाया था, लेकिन दो बार ढहाने के बाद रात में सत्संगियों ने गेट पर तार लगा दिए थे। पथराव में नगर निगम का बुलडोजर, ट्रक और ट्रैक्टर क्षतिग्रस्त हो गए।
इस मामले में भी प्रशासन और पुलिस की ओर से सत्संगियों के खिलाफ एफआईआर कराई गई है। वहीं शाम को सत्संग सभा को अपने दस्तावेज दिखाने के लिए सोमवार तक का समय दिया गया है। जिला प्रशासन ने शनिवार को दयालबाग में राधास्वामी सत्संग सभा की ओर से सड़कों को घेरकर बनाए गए 6 गेट तोड़े थे। जिसमें 16 बीघा 9 बिस्वा जमीन खाली कराई गई थी।
सत्संग सभा ने रात में फिर गेट लगा दिए, कंटीले तारों की बाड़ लगा दी। रविवार सुबह सत्संगियों को गेट नंबर 8 टेनरी पर पहुंचने के लिए मैसेज जारी किए गए। पुलिस प्रशासन शाम को 4 बजे जब फिर से गेट तोड़ने के लिए पहुंचा तो हजारों सत्संगी पहुंच गए। कई के हाथों में धारदार कंटीले हथियार थे। बुलडोजर आगे बढ़ते ही सत्संगियों ने पथराव शुरू कर दिया। आरोप है कि महिलाओं और बच्चों को आगे रखकर सत्संगियों ने पुलिस और प्रशासन पर पत्थर बरसाए।