आगरा में बुधवार को गुस्ल की रस्म के साथ सलीम चिश्ती के उर्स की शुरुआत हो गई। इसमें हजारों अकीदतमंदों ने दरगाह में शिरकत की। इस मौके पर उनको जियारत भी कराई गई।
उत्तर प्रदेश के आगरा में फतेहपुर सीकरी स्थित सलीम चिश्ती की दरगाह पर बुधवार की सुबह गुस्ल की रस्म के साथ उर्स की शुरुआत हो गई। यह हजरत शेख सलीम चिश्ती का 453वां सालाना उर्स है। बुधवार अल सुबह मजार शरीफ पर गुस्ल की रस्म हुई। सज्जादा नशीन रईस मियां चिश्ती के सानिध्य में गुस्ल संदल की रस्म में हजारों अकीदतमंदों ने शिरकत की।
13 से 20 अप्रैल तक प्रतिदिन होंगे कार्यक्रम
हजरत शेख सलीम चिश्ती का सालाना उर्स रमजान की बीसवीं तारीख को गुस्ल की रस्म के साथ प्रारंभ होता है। 29वें रमजान को कुल शरीफ की रस्म के साथ समापन होता है। इस बीच 10 दिन तक विभिन्न धार्मिक रस्मों की अदायगी की जाती है। 13 से 20 अप्रैल तक प्रतिदिन मजलिसे, संदल व लंगर तकसीम की जाएंगी।
इसके बाद 19 अप्रैल की रात्रि कचहरी परिसर में महफिले नात का आयोजन होगा। वहीं 20 अप्रैल को महफिले मिलाद शरीफ का आयोजन किया जाएगा। 21 अप्रैल को सुबह चार बजे मजार शरीफ पर कुल शरीफ की रस्म के साथ उर्स समापन होगा। 20 अप्रैल को हजारों जायरीन अकीदतमंद दरगाह परिसर में रैन बसेरा कर प्रातः कुल शरीफ के छींटे खाने के बाद अपने मुकाम के लिए प्रस्थान करेंगे।
अकीदतमंदों को कराई गई जियारत
- फोटो : अमर उजाला
अकीदतमंदों को कराई गई जियारत
बुधवार अल सुबह सज्जादा नशीन रईस मियां चिश्ती अरशद अजीम फरीदी के सानिध्य में हजारों अकीदतमंदों द्वारा गुलाबजल, संदल केवड़ा से गुस्ल की रस्म अदा की गई। तत्पश्चात पोन्छाकर गिलाफ पोशी, चादर पोशी के बाद गुलपोशी की गई। साथ ही सलाम पेश किया गया। गुस्ल की रस्म के उपरांत दरगाह में हजरत की शान में शाही कव्वाल द्वारा कलाम पेश किए गए। अपराह्न सज्जादा नशीन द्वारा चिल्ला गाह में हजरत के चौगा बाल और धार्मिक चिन्हों की जियारत अकीदतमंदों को कराई गई।
इस दौरान पूर्व चेयरमैन मोहम्मद इस्लाम, हाजी मास्टर बदरुद्दीन कुरैशी, हाजी साबिर कुरैशी, सईद अहमद, अनवर भाई, नईम कुरैशी, चांद कुरैशी, राज उद्दीन, राहुल कुरैशी, हारून कुरैशी, साबिर कुरैशी, हाफिज रईस, सलीम आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। वहीं प्रभारी निरीक्षक विपिन कुमार मेला प्रभारी अंकुश धामा एसआईएस कमांडर नागेंद्र सिंह सुरक्षा बलों के साथ मौजूद रहे।