दौज के स्नान पर्व पर बुधवार को ब्रज की काशी कहे जाने वाले बटेश्वर में आस्था और भक्ति का संगम देखने को मिला। 101 शिव मंदिर शृंखला के घाट पर यमुना नदी में दिनभर स्नान का दौर चला। श्रद्धालुओं ने ब्रह्मलाल जी महाराज और गौरीशंकर मंदिर के बंद पटों को पूजा और दीपदान कर मन्नत मांगी।
साधु संतों के विभिन्न अखाड़ों में हवन यज्ञ और भंडारे हुए। मंदिर के पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि कोरोना के चलते मंदिर बंद होने से लोगों ने भोलेनाथ की देहरी पर ही पूजा की। संवाद
मुख्यमंत्री से मांगेंगे बटेश्वर को राज्य मेले का दर्जा: अरिदमन
कोरोना के चलते बुधवार को बटेश्वर के ब्रह्मलाल जी मंदिर में 374 साल पुरानी शृंगार पूजा की परंपरा का निर्वहन करने के लिए भदावर राजघराने के प्रतिनिधि के रुप में पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह नहीं पहुंचे। राजपुरोहित ने पुजारियों को पूजन सामग्री उपलब्ध करा दी थी। मंदिर के पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी, राकेश वाजपेयी ने पूजा अर्चना की।
पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह ने बताया कि कहा कि प्राचीन बटेश्वर मेले के स्तर को ऊंचा उठाने और तीर्थ के विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। बटेश्वर को राज्य मेला का दर्जा दिलाने के लिए विधायक पक्षालिका सिंह के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से मिलेंगे।