मथुरा के वृंदावन में श्रीकृष्ण कृपा धाम पर सोमवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास की बैठक हुई। इसमें संतों, महंतों और धर्माचार्यों ने सर्वसम्मति से श्रीकृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराकर मंदिर निर्माण का संकल्प लिया। वहीं, मंदिर निर्माण तक अनवरत संघर्ष का फैसला लिया गया। बैठक में संतों ने न्यायालय में चल रही प्रक्रिया की जानकारी लेकर आगे की रणनीति पर गहन मंथन किया। बैठक की अध्यक्षता मलूकपीठाधीश्वर राजेंद्रदास महाराज व महामंडलेश्वर ज्ञानानंद महाराज ने संयुक्त रूप से की।
ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर अपने अधिकारों के लिए न्यायालय में जो केस लड़ा जा रहा है, उसके सभी तथ्य सामने रखे गए और सभी संतों ने सहमति जताई है कि अभी कोई आंदोलन नहीं, लेकिन न्यायालय में जो चल रहा है उस प्रक्रिया को दृढ़ता के साथ आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि न्यायालय में अपने पक्ष को मजबूती के साथ रखेंगे और सभी संत, धर्माचार्य और भागवताचार्य पूर्ण सहयोग करेंगे।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर सभी संतों, धर्माचार्यों और भगवताचार्यों की बैठक का मुख्य मुद्दा श्रीकृष्ण जन्मभूमि का निर्माण हो, इसको लेकर गहन चिंतन व मंथन हुआ। बैठक में पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे, हरीदासीय संप्रदाय के संत मनमोहन दास, स्वामी अवधेशानंद, आदित्यानाथ, महंत फूलडोल बिहारीदास महाराज, महंत सुतीक्ष्णदास महारज, महामंडलेश्वर नवलगिरी, महंत महेशानंद सरस्वती आदि ने अपने विचार रखे।