रात 2 बजे संत प्रेमानंद महाराज ने वृंदावन के श्री कृष्णम शरणम् सोसाइटी से अपनी पदयात्रा की शुरुआत की। दो किलोमीटर लंबी इस यात्रा में ऊंट और घोड़े भी शामिल थे। महाराज रमणरेती स्थित अपने आश्रम केली कुंज पहुंचे, जहां भक्तों ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी।
इस यात्रा में महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर भाग लिया और विभिन्न राज्यों के वाद्य यंत्रों की धार्मिक ध्वनियां गूंज रही थीं। भक्तों का एक ही उद्देश्य था कि जन्मदिन के इस खास मौके पर संत प्रेमानंद महाराज की एक झलक मिल जाए।