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ताज में मॉडल्स से उतरवाए भगवा ‘रामनामी’ दुपट्टे

Thu, 20 Apr 2017 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
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ताज में धार्मिक प्रतीक चिन्ह, पूजा सामग्री पर है प्रतिबंध, - फोटो : अमर उजाला
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मोदी और योगी सरकार में भगवा दुपट्टे और गमछों का चलन बढ़ा है, लेकिन ताजमहल में भगवा रंग के दुपट्टों को पहनकर पहुंची विदेशी मॉडल्स को सुरक्षा जांच के दौरान रोक दिया गया। बुधवार दोपहर को दिल्ली से आईं 34 देशों की मॉडलों में अधिकांश ने धूप से बचने के लिए रामनामी दुपट्टों को ओढ़ रखा था, लेकिन सीआईएसएफ ने इन्हें उतरवाकर बाहर रखवा दिया, जबकि ताज में केवल धार्मिक प्रतीक चिन्ह और पूजा सामग्री पर ही रोक है।
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दिल्ली में सुपर मॉडल इंटरनेशनल 2017 में हिस्सा ले रहीं 34 देशों की मॉडल बुधवार दोपहर में ताजमहल का दीदार करने पहुंचीं। पूर्वी गेट पर सुरक्षा जांच के दौरान गाइड ने सभी मॉडलों को प्रतिबंधित सामग्री की जानकारी दी। दो मॉडल रामनामी दुपट्टे पहने हुए थीं। जांच के दौरान ताजमहल के अंदर भगवा रामनामी दुपट्टों को मॉडल्स से उतरवा लिया। इस पर आयोजकों ने आपत्ति भी की, लेकिन सीआईएसएफ सुरक्षाकर्मियों ने इसे प्रतिबंधित सामग्री मानते हुए बाहर भिजवा दिया। मॉडलों से उनके देश के चिन्ह वाले दुपट्टे भी हटवा दिए, जबकि उनकी कैप और टीशर्ट पर विभिन्न कंपनियों के नाम लिखे हुए थे, जो प्रमोशन के तौर पर उपयोग किए जा सकते थे, इन्हें नहीं उतरवाया गया। ताजमहल में सुरक्षा जांच के दौरान इस घटना से विदेशी मॉडल आहत हुईं।

ताज में धार्मिक प्रतीक चिन्ह प्रतिबंधित हैं। मॉडल एक जैसे दुपट्टे अलग से पहने थीं, इस वजह से इन्हें उतरवाया गया। पूर्व में भी यही नियम रहा है
सीआईएसएफ, ताजमहल

विदेशी चिन्हों वाले दुपट्टे उतरवाने की जानकारी है। सीआईएसएफ ने इस बारे में एएसआई से नहीं पूछा है। इस मामले की कोई शिकायत एएसआई में या पर्यटन पुलिस के पास नहीं है
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डा. भुवन विक्रम, अधीक्षण पुरातत्वविद, एएसआई

वनवासी कन्याओं के उत्तरीय भी उतरवाए
आगरा। एएसआई एक्ट में स्मारक के अंदर धार्मिक प्रतीक चिन्हों को न ले जाने, पूजा सामग्र्री और व्यवसायिक गतिविधियों एवं ब्रांड प्रमोशन पर रोक है, लेकिन इसकी व्याख्या हर सुरक्षाकर्मी अपनी तरह से करता है। स्पष्ट गाइड लाइन न होने से ताजमहल पर पूर्व में कई बार ऐसे विवाद हो चुके हैं। 24 अक्तूबर 2012 में वनवासी सत्संग समिति की सदस्यों के  गेंरुए रामनामी उत्तरीय उतरवा दिए गए थे। वह कोठी मीना बाजार मैदान पर हो रही कथा के लिए आगरा आई थीं। ताजमहल देखने के बाद उन्हें धार्मिक समूह मानते हुए प्रवेश से रोका गया था। तब यह मामला मंत्रालय तक पहुंचा था।
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