शासन तक पहुंचा मामला, तब निरस्त हुआ नक्शा
इस मामले की शिकायत शासन तक पहुंची। भू स्वामित्व व अन्य बिंदुओं पर जांच की गई। जिसके बाद तत्कालीन एडीए उपाध्यक्ष मनीषा त्रिघाटिया ने 18 मई 2015 को होटल अतुल्य ताज का नक्शा निरस्त कर दिया। मानचित्र निरस्तीकरण के विरुद्ध विपक्षी ने मंडलायुक्त न्यायालय में अपील की। 15 जुलाई 2024 को अपील भी मंडलायुक्त न्यायालय से निरस्त हो गई। जिसके बाद एडीए ने होटल को खाली करने और सभी तरह की व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने का नोटिस दिया। परंतु, रोक के बावजूद रविवार को होटल संचालित हो रहा था। गतिविधियां बंद करने के बजाय रविवार को होटल की रंगाई-पुताई व अन्य कार्य हो रहे हैं। वहीं इस संबंध में एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली का कहना है कि नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
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आगरा में रहे एडीएम प्रोटोकॉल व वित्त एवं राजस्व
मूलरूप से गाजीपुर के रहने वाले पूर्व पीसीएस अधिकारी उदयीराम आगरा में बसपा सरकार में सबसे पहले एडीएम प्रोटोकॉल पद पर तैनात रहे। फिर 4 जून 2008 से 19 नंबर 2009 तक कलक्ट्रेट में एडीएम वित्त एवं राजस्व पद पर रहे। 2010 से 2012 तक आगरा विकास प्राधिकरण में सचिव रहे। दूसरी बार 15 अप्रैल 2012 को एडीएम वित्त एवं राजस्व रहे। आरोप है कि एडीए सचिव व एडीएम रहते ही उन्होंने इस होटल का निर्माण कराया।
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