इस पर पुलिसकर्मियों ने दोनों को छोड़ दिया। जानकारी पर 12 से अधिक गांवों के ग्रामीण चौकी पर पहुंच गए। उन्होंने चौकी का घेराव करके हंगामा कर दिया और धरने पर बैठ गए। इस दौरान पूर्व विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। आधा घंटे बाद सीओ खेरागढ़ फोर्स के साथ पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। वह लोग चौकी प्रभारी के निलंबन की मांग करने लगे। सर्किल के फोर्स के साथ ही पैरा मिलट्री फोर्स भी बुला ली गई। दो घंटे बाद एसपी आरए पश्चिमी सत्यजीत गुप्ता पहुंचे। उन्होंने पूर्व विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह से बात की। उन्हें दोषी पुलिसकर्मियों की जांच कर दंडित करने का आश्वासन दिया। तब कहीं तीन बजे लोग धरने से हट सके। उधर, चौकी प्रभारी मनोज कुमार का कहना है कि दारा सिंह और देवेंद्र सिंह ने साथियों के साथ मिलकर अभद्रता की। विरोध पर हाथापाई कर दी।
मामले की जांच सीओ पिनाहट को सौंपी
एसपीआए पश्चिमी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि मोबाइल चोरी के मामले में दो लोग शिकायत करने आए थे। उन्होंने चौकी प्रभारी पर मारपीट और अभद्रता का आरोप लगाया है। प्रेम सिंह (देवेंद्र का भाई) की ओर से शिकायती प्रार्थनापत्र दिया है। मामले की जांच सीओ पिनाहट को दी गई है।
पूर्व में की गई थी चौकी प्रभारी की शिकायत
कुर्राचित्तरपुर चौकी के प्रभारी की शिकायत पिछले दिनों एडीजी जोन से की गई थी। चौकी प्रभारी पर आरोप था कि दो युवकों के खिलाफ गलत आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद जेल भेज दिया। मामले में जांच के आदेश किए गए हैं। लोगों का कहना था कि चौकी पर सुनवाई नहीं होती है। शिकायत दर्ज कराने के लिए भटकना पड़ता है।
कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं
पुलिस चौकी पर प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं ने कोविड प्रोटोकाल का पालन नहीं किया। मास्क भी कम लोग लगाए थे। उचित दूरी का भी पालन नहीं किया गया।