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उत्तर प्रदेश और बिहार में बढ़ते जातिवाद से संघ चिंतित, कार्यकर्ताओं को दिया यह मंत्र

Sat, 27 Jul 2019 08:06 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
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वृंदावन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सामाजिक सद्भाव बैठक में बढ़ते जातिवाद पर चिंता जाहिर की गई। प्रचारकों ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार में जातिवाद सबसे ज्यादा बढ़ रहा है। टकराव की नौबत आ रही है। यहां तय किया गया कि हर बिरादरी को संघ से जोड़कर उनमें हिंदुत्व और राष्ट्रवाद का भाव पैदा किया जाएगा। ताकि देश की जहां बात हो वहां सभी खुद को हिंदू कहने लगें।
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शनिवार से वृंदावन के वात्सल्य ग्राम में संघ की दो दिवसीय सामाजिक सद्भाव बैठक चार सत्रों में हुई। बैठक की शुरूआत संघ प्रमुख मोहन भागवत ने दीप जलाकर की। संघ के सर सह कार्यवाह भैया जी जोशी, दतात्रेय होसबोले, कृष्णगोपाल और सुरेश सोनी ने अलग-अलग विषयों पर सत्र को संबोधित किया। 

हिंदू समाज में बढ़ते जातिवाद को लेकर लंबा मंथन हुआ। कहा गया कि आज उत्तर प्रदेश और बिहार में सबसे ज्यादा जातिवाद बढ़ रहा है। कई जगह संघर्ष की नौबत आ जा रही है। लोग आपस में लड़ रहे हैं। एक दूसरे को नीचा दिखाने में लगे रहते हैं। इससे समाज में बिखराव बढ़ रहा है। इन हालातों में संघ की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। 
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'हर व्यक्ति में पैदा करें राष्ट्रवाद का भाव'

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रचारकों को चाहिए कि वो हर व्यक्ति में हिंदुत्व और राष्ट्रवाद का भाव पैदा करें। समाज की संरचना कुछ इस तरह होनी चाहिए जिसमें एक मंदिर, एक कुआं और एक श्मशान हो। मतलब सभी लोग एक मंदिर में पूजा करें। एक कुएं का पानी लें और श्मशान भी सभी का एक हो। 

सामाजिक सद्भाव बैठक में संत समाज को भी सामाजिक सद्भाव के लिए चलने वाले अभियान से जोड़ने की अपील की गई। कहा गया कि संत समाज के लोग जुड़े होते हैं। लिहाजा वह अपने प्रवचन के माध्यम से एक संपूर्ण समाज के निर्माण में बहुत बड़ा योगदान दे सकते हैं।
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