आगरा के केदार नगर स्थित रामपुरी कॉलोनी में मंगलवार सुबह बीमारी से परेशान बुजुर्ग ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। वह डाक विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। पूर्व फौजी भी थे। डेढ़ साल से बीमारी से परेशान चल रहे थे। गले में पड़ी नली से उन्हें खाना दिया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि घर से लाइसेंसी बंदूक मिली है। जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया बीमारी से परेशान होकर आत्महत्या का है।
70 वर्षीय सुनहरी लाल शर्मा ने सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद डाक विभाग में नौकरी की। वहां से भी सेवानिवृत्त हो गए। उनके तीन बेटे और एक बेटी है। दो बेटे इंजीनियर हैं, जबकि तीसरा विदेश में रहता है। बेटी की शादी हो चुकी है। मंगलवार की सुबह तकरीबन आठ बजे परिजनों ने सुनहरी लाल शर्मा के कमरे से गोली चलने की आवाज सुनी। इस पर सभी दौड़ पड़े। कमरे में सुनहरीलाल शर्मा खून से लथपथ पड़े थे। उनके सीने में गोली लगी हुई थी। उनकी मौत हो गई। सूचना पर पुलिस पहुंच गई।
थाना शाहगंज के प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र सिंह राघव ने बताया कि सुनहरी लाल डेढ़ साल से बीमारी से परेशान थे। उनका ट्यूमर का ऑपरेशन किया गया था। वह चल फिर भी नहीं पाते थे। परिजन उन्हें गले में पड़ी नली से खाना देते थे। परिजनों ने पुलिस को बताया कि कई दिन से नली से दिया जाने वाला भोजन भी गले में आ जाता था। इससे काफी दिक्कत हो रही थी। डॉक्टर को दिखा रहे थे। इससे पहले ही सुनहरी परेशान थे। घर में लाइसेंसी बंदूक मिली है। उसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
परिवार में कोहराम
परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों ने सोचा भी नहीं था कि सुनहरी लाल यह कदम उठा लेंगे।
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