मथुरा जनपद के फरह स्थित चुरमुरा हाथी संरक्षण केंद्र में शुक्रवार को एक और हाथी लाया गया। 55 वर्षीय हाथी का नाम आर्य है। इसका इस्तेमाल भीख मांगने के लिए किया जा रहा था। इसकी आंख में नुकीली चीज से चोट पहुंचाई गई।
विज्ञापन
2 of 6
हाथी आर्य
- फोटो : अमर उजाला
देश के एकमात्र हाथी अस्पताल में 55 वर्षीय हाथी आर्य का उपचार किया जाएगा। विगत दिनों वन विभाग की टीम द्वारा उसे यहां लाया गया है। आंखों में चोट की वजह से उसे दिखाई नहीं दे रहा साथ ही वह गंभीर गठिया रोग से भी पीड़ित है। उसे लेजर थेरेपी, हाइड्रोथेरेपी आदि दी जा रही है।
विज्ञापन
3 of 6
हाथी 'आर्य
- फोटो : वाइल्डलाइफ एसओएस
फरह अस्पताल लाया गया हाथी आर्य कालानुक्रमिक दृष्टि से नेत्रहीन है। चेकअप के दौरान पशु चिकित्सक यह जानकर हैरान रह गए कि उसकी बायीं आंख में किसी नुकीली चीज से चोट पहुंचाई गई है।
4 of 6
हाथियों का इलाज
- फोटो : सोशल मीडिया
एसओएस के उप निदेशक डॉ. इलया राजा ने कहा कि आर्य गंभीर रूप से कुपोषित और अन्य कई समस्याओं से पीड़ित है। अगले कुछ दिन उसके लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। हमारी टीम उसके स्वास्थ्य की प्रगति पर नजर रखे हुए है।
विज्ञापन
5 of 6
चुरमुरा में मौजूद हाथी
- फोटो : अमर उजाला
एसओएस के सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि हाथी अस्पताल आशा का प्रतीक बन गया है। कई मालिक अपने बीमार हाथियों को भी अस्पताल लाने की अनुमति के लिए वन विभाग से संपर्क कर रहे हैं।