आगरा। इनर रिंग रोड व लैंड पार्सल योजना में घोटाले का आरोप लगाते हुए दोषी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर किसानों ने कमिश्नरी में धरना-प्रदर्शन किया। बारिश में भी किसान धरने पर डटे रहे। कमिश्नर ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन किसान नहीं माने। इसके बाद पुलिस उन्हें जबरन धरना स्थल से हटाकर सदर तहसील ले गई।
रोहता, कुकथला सहित 16 गांव की 163 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण इनर रिंग रोड व लैंड पार्सल के लिए एडीए व प्रशासन ने किया था। प्रभावित किसानों का आरोप था कि मुआवजा वितरण से लेकर अधिग्रहण के करार में अनियमितताएं बरती गईं। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति तक शिकायत के बाद तत्कालीन कमिश्नर अनिल कुमार ने एडीएम प्रशासन से जांच कराई। इसके बाद एडीए ने आठ अमीनों को दोषी मानते हुए कार्रवाई के लिए टीम बनाई। किसानों का आरोप है कि प्रशासन ने तहसील स्तर से गड़बड़ियों में शामिल दोषी अधिकारी व कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की। इसके विरोध में बुधवार को किसानों ने कमिश्नरी में पंचायत की। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। कमिश्नर अमित गुप्ता ने किसानों को कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन किसान नहीं मानें। वहीं किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने भूख हड़ताल का एलान किया। इस दौरान अवधेश सोलंकी, मुकेश पाठक, भोला फौजदार, बंगाली बाबू, पप्पू यादव, विष्णु कटारा, सावित्री चाहर आदि मौजूद रहे।