आगरा। डेंगू और वायरल बुखार से रक्त संबंधी जांचें पांच गुना बढ़ गई हें। डेंगू और प्लेटलेट्स की जांच तीन से पांच गुना तक बढ़ी है। सरकारी और निजी अस्पतालों में बुखार के मरीज की डेंगू, मलेरिया और प्लेटलेट्स की जांच अनिवार्य रूप से हो रही है।
एसएन पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. पूजा अग्रवाल ने बताया कि इमरजेंसी और विभाग की लैब में सामान्य दिनों में 250 से 300 मरीजों की जांच हो रही थी। इनमें सभी रोगों के मरीज शामिल हैं। बीते 20 से 25 दिनों में लैब में 500 से 600 मरीजों की जांच हो रही है। इनमें बुखार के करीब 50 से 55 फीसदी मरीज हैं। जहां बीते महीने तक रक्त की जांच कराने वाले बुखार के मरीजों की संख्या 50 से 70 रहती थी, अब यह संख्या 240 से 280 तक है। इनमें सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट) अनिवार्य रूप से है, जिसमें प्लेटलेट्स भी शामिल हैं। लिवर-किडनी फंक्शन, सीरम और हीमोग्लोबिन की मात्रा की भी जांच करा रहे हैं। मरीज बढ़ने पर चिकित्सक दो शिफ्टों में कार्य कर रहे हैं।
ाईएमए अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय ने बताया कि फिजीशियन और बाल रोग विशेषज्ञों पर बुखार के बीते 20 दिन में चार गुना से अधिक मरीज बढ़े हैं। इनमें डेंगू, मलेरिया समेत अन्य जरूरी रक्त की जांच पैथोलॉजी लैब में करा रहे हैं। इससे मरीज के इलाज में सुविधा रहती है।
आगरा पैथोलॉजी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रविंद्र प्रतिहार ने बताया कि 88 पैथोलॉजी लैब हैं, जिनमें बुखार के मरीजों में प्लेटलेट्स जांच कराने वालों की संख्या में तीन से चार गुना बढ़ी है। डेेंगू की एलाइजा जांच के दो हजार, रैपिड किट से एक हजार रुपये और मलेरिया की जांच के लिए 250 रुपये शुल्क ले रहे हैं।