उत्तर प्रदेश के आगरा के एक निजी अस्पताल में गर्भवती की मौत के बाद परिजन ने शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों से बात करके घटना की जानकारी ली। उन्हें समझाकर शांत कराया। इसके बाद परिजन शांत हुए और शव लेकर घर लौट गए।
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मामला खंदौली थाना क्षेत्र के आबिदगढ़ गांव का है। गांव निवासी चंद्रपाल एक शू फैक्ट्री में नौकरी करते हैं। उनकी पत्नी विमलेश गर्भवती थीं। मंगलवार की दोपहर विमलेश की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें लेकर ट्रांसयमुना थाना क्षेत्र स्थित जेके हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। यहां आराम नहीं मिलने पर डॉक्टर ने शाम करीब सात बजे उसे कृष्णा हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया।
परिजन उसे कृष्णा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने विमलेश की हालत नाजुक बताकर उसे वेंटीलेटर पर रख दिया। कुछ ही समय बाद उसने दम तोड़ दिया। मौत की सूचना पर परिजन रोने बिलखने लगे। वह शव लेकर वापस जेके हॉस्पिटल पहुंच गए। डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर गेट पर ही शव रखकर हंगामा करना शुरू कर दिया।
हंगामा की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों से बात की और उन्हें समझाकर शांत कराया। इसके बाद परिजन शव लेकर गांव लौट गए। परिजन ने बताया कि विमलेश की शादी पांच वर्ष पहले चंद्रपाल से हुई थी। दोनों से दो बच्चे चिराग (4 वर्ष) और तरुण (2 वर्ष) हैं।