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वृंदावन कुंभ पर कोरोना का असर, होटल-गेस्टहाउस और आश्रमों की बुकिंग में कमी

Tue, 09 Feb 2021 12:00 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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वृंदावन कुंभ मेला क्षेत्र में लगा शिविर - फोटो : अमर उजाला
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कोरोना काल में हरि की नगरी हरिद्वार से पहले श्रीकृष्ण की लीलास्थली वृंदावन में 16 फरवरी से कुंभ मेला बैठक (संत समागम) की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी 14 फरवरी को वृंदावन आएंगे, लेकिन इस धार्मिक आयोजन पर कोरोना का असर साफ देखा जा रहा है। वृंदावन कुंभ मेला बैठक शुरू होने के कुछ ही दिन बचे हैं, लेकिन मथुरा-वृंदावन के होटल, गेस्ट हाउस और आश्रम खाली पड़े हैं। इस बार इनकी बुकिंग में कम हुई है।

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कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट जरूरी
आगरा कमिश्नर ने कुंभ मेला की तैयारियों का जायजा लिया था। बाहर से आने वाले सभी लोगों को कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट दिखाए जाने की बात कही थी क्योंकि मेला में भीड़ के कारण कोरोना फैलने की आशंका रहेगी। भीड़ पर नियंत्रण और कोरोना गाइडलाइन को केंद्र और प्रदेश सरकार ने समाप्त नहीं किया है।

एक पंडाल पर एक लाख खर्च
कुंभ मेला में वाटर प्रूफ एक पंडाल लगाने में करीब एक लाख रुपये खर्च होंगे। जब श्रद्धालु या दर्शक कोरोना के डर से कम आएंगे तो कुंभ की रौनक भी फीकी रहने से इनकार नहीं किया जा सकता है।

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महाराष्ट्र और दक्षिण के संत कम
स्थानीय संतों के अनुसार महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के संतों की संख्या कम हो सकती है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से आने वाले संत, महात्माओं व श्रद्धालुओं की संख्या ठीकठाक रहेगी। 

आस्था तो है लेकिन स्नान कैसे
यमुना का पानी गंगा जैसा निर्मल होना संभव नहीं है, भले ही इसमें गंगा का पानी मिश्रित कर दिया जाए। कुंभ के दौरान स्नान करने वाले लोगों की भीड़ ही कुंभ मेला को सफल बनाएगी। कुंभ में तीन शाही स्नान होंगे।

कुंभ के तीन शाही स्नान
- 27 फरवरी माघ पूर्णिमा
- 9 मार्च फाल्गुन कृष्ण एकादशी
- 13 मार्च फाल्गुन अमावस्या

मथुरा जनपद की स्थिति
- होटलों की संख्या-120 करीब
- गेस्टहाउस की संख्या- 225 करीब
- आश्रम की संख्या- 460 करीब
- 2019 में पर्यटकों की संख्या -50 लाख से अधिक रही (स्रोत: पर्यटन विभाग)
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होटल संचालक सुरेश बंसल ने बताया कि मथुरा में ही करीब 50 होटल हैं। कुंभ से एक माह पहले ही बुकिंग हो जाती थी। लेकिन अभी ऐसा नहीं है। फोन भी नहीं आ रहे हैं। होटलों का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।

गेस्ट हाउस संचालक प्रमोद गर्ग कसेरे ने कहा कि बिजली और कर्मचारियों का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। कोरोना के कारण टूरिस्ट आने बंद हो गए हैं। कमाई बिल्कुल बंद हो गई। अभी कोरोना का डर गया नहीं है। 

वृंदावन अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत हरिशंकर दासा नागा ने कहा कि इस बार का कुंभ दिव्य और आकर्षक होगा। कुंभ में संत-महात्माओं की संख्या कम नहीं रहेगी। यहां पर कोरोना का प्रभाव कम ही दिखेगा। तैयारियां अच्छी हो रही हैं। 
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