दलित नेता जगजीवन राम के प्रधानमंत्री बनने की राह में उनकी जाति आड़े आ गई थी। 1979 में लोकसभा भंग होने के बाद इंदिरा गांधी ने राष्ट्रपति से जगजीवन राम को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाने की सलाह दी थी। इंदिरा गांधी ने आंध्र प्रदेश की चुनावी सभा में इसका खुलासा किया था। कहा कि जगजीवन राम को दलित होने की वजह से प्रधानमंत्री नहीं बनने दिया गया।
अमर उजाला के 8 सितंबर 1979 के अंक में प्रकाशित समाचार के अनुसार, आंध्र प्रदेश के मकरमा में हुई सभा में पूर्व प्रधानमंत्री ने दावा किया कि उन्होंने राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी को परामर्श दिया था कि जगजीवन राम को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया जाना चाहिए। सभा में इंदिरा गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि 1977 की जनता पार्टी में जगजीवन राम का बहुमत था। इसके बावजूद उन्हें प्रधानमंत्री बनने से रोकने की वजह से मोरारजी देसाई को पीएम बना दिया गया। कहा कि जब मोरारजी देसाई ने इस्तीफा दिया तो चंद्रशेखर ने प्रधानमंत्री बनने के लिए दावा पेश कर दिया। इस तरह एक बार फिर जगजीवन राम को पीएम बनने से रोका गया।