बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों पर बरसा 'प्रेमरंग'
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वृंदावन में ऐसा पहली बार होगा जब रंगभरनी एकादशी पर सुबह से ही ठाकुर श्री बांके बिहारी भक्तों पर रंग बरसाएंगे। हर बार इस एकादशी पर शाम को ही मंदिर में होली की शुरुआत होती रही है लेकिन इस बार 17 मार्च को रंगभरनी एकादशी पर सुबह श्रृंगार आरती के साथ ही मंदिर में रंग-गुलाल की बरसा होगी।
सेवायत पन्नालाल गोस्वामी ने बताया कि सुबह 8:30 बजे से रंग चलना शुरू होगा जो दोपहर एक बजे राजभोग आरती तक चलेगा। इसके बाद ठाकुर जी शयन करेंगे। शाम 4:30 बजे पुन: दर्शन खुलेंगे और रात 8:30 बजे तक होली होगी। यह क्रम 20 मार्च को शयन आरती तक चलेगा।
सेवायत विजयकृष्ण गोस्वामी ने बताया कि होली की शुरुआत फूल की होली से होगी। इस मौके पर ठाकुर जी को विशेष जलेबी का भोग लगाया जाएगा और गुलाल का थाल ठाकुर को अर्पित किया जाएगा। होली के लिए गर्म जल में टेसू का रंग व गुलाल का प्रयोग होगा।
इन्हें मिलेगा रंग बरसाने का मौका
एकादशी पर शृंगार व शयन आरती की सेवा विजयकृष्ण गोस्वामी की, जबकि राजभोग आरती की सेवा पन्नालाल गोस्वामी की रहेगी। उनके परिजन जवाहर लाल, बिहारी लाल, हरिलाल, शाश्वत, रजत, नयन, पारस, मानस, शशांक गोस्वामी, दीपांक, श्लोक, उमंग, कृष्णा, कन्हैया लाल, घनश्याम, गोपेश, आभास, अनुराग आदि भक्तों पर रंग बरसाएंगे।
होली खेलने के लिए बिहारी जी सफेद रंग की पोशाक धारण कर जगमोहन में विराजेंगे। यह पोशाक कोलकाता-गाजियाबाद के भक्तों ने भेंट की है। चांदी के कटोरे में केसर-गुलाब जल के मिश्रण से तैयार रंग सर्वप्रथम ठाकुर जी को लगाकर इसकी शुरुआत होगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिए हैं आदेश
बांकेबिहारी मंदिर में अभी तक शाम को ही मुख्य आयोजन होते थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशानुसार शाम को होने वाले उत्सव अब सुबह के समय भी होंगे। इसी के तहत रंगभरनी एकादशी पर भी सुबह से होली होगी।