रामलाल वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्ग
- फोटो : अमर उजाला
रिश्तों की फांस में फंसे बुजुर्ग दंपतियों की आंखें करवा चौथ पर एक बार फिर नम होंगी। यादों के झरोखों से किसी बुजुर्ग पत्नी को घर की छत पर खड़े अपने पति दिखेंगे, तो कोई रामलाल वृद्धाश्रम में रह रहे पति के लिए लंबी उम्र की कामना करेंगी।
रामलाल वृद्धाश्रम में 350 से भी अधिक बुजुर्ग रहते हैं, जिनमें से कुछ बुजुर्ग अपनी पत्नियों से, कुछ अपने बेटों के कारण गुस्सा होकर सालों से अकेले रह रहे हैं, लेकिन करवा चौथ पर अपनी नाराजगी भूल अपने चांद को मनाने की तैयारी कर रहे हैं।
पत्नी के लिए लेकर जाएंगे साड़ी
73 वर्षीय राजेंद्र तिवारी ने बताया कि 'शादी को 50 साल से अधिक हो गए हैं। लड़के परेशान करते थे, इसलिए सालभर से आश्रम में हूं। पत्नी बच्चों के साथ ही रहती है। गुस्सा मेरा एक तरफ, करवा चौथ पर पत्नी के लिए साड़ी लेकर जाऊंगा।'
मनाने की करेंगे कोशिश
65 वर्षीय विजेंद्र सिंह ने बताया कि 'आश्रम में 14 महीने से रह रहा हूं। पत्नी बच्चों के साथ रहती है। बंटवारे के लिए बच्चों से झगड़ा हो गया। पत्नी से साथ चलने से मना कर दिया तो अकेला ही आश्रम रहने आ गया। करवा चौथ पर अपनी पत्नी को गुलाब को फूल दूंगा।'
ये भी पढ़ें - Karwa Chauth 2023: तीन पीढ़ियां साथ मनाएंगी करवा चौथ, कुछ इस तरह की गई है तैयारी
पत्नी का रहेगा इंतजार
75 वर्ष के रेवतीचरन ने बताया कि 'दो साल से मैं आश्रम रह रहा हूं। पैरों से लाचार हूं। बच्चे सेवा नहीं करना चाहते इसलिए मैं आश्रम रह रहा हूं। पत्नी का करवा चौथ पर इंतजार रहेगा कि वो आए।'
पति के लिए रखेंगी व्रत
59 वर्षीय रेखा ने बताया कि 'बच्चे मारते पीटते थे। इसलिए आश्रम आकर रहने लगी। पति बहू-बेटे के साथ रहते हैं। करवा चौथ पर व्रत रखूंगी और उनका भी इंतजार करुंगी।'