मुस्लिम भाई के राखी बांधती हिंदू बहन
- फोटो : अमर उजाला
चंदा देवी भी अपने भाइयों को राखी बाद में बांधती हैं। पहले वो टीका लेकर अपने धर्म भाइयों के घर पहुंचती हैं। हिमायूं के साथ ही उनके दो भाई भी राखी बंधवाने के बाद ही घर से निकलते हैं।
नई बस्ती निवासी सामाजिक कार्यकर्ता शमी आगाई पिछले 10 साल से वत्सला प्रभाकर से राखी बंधवाते हैं। शमी बताते हैं कि वत्सला को वो पहले से जानते थे, लेकिन परिवार परामर्श केंद्र में दोनों काउंसलिंग करने लगे तो नजदीक से जानने का मौका मिला।
रक्षाबंधन पर वत्सला ने राखी बांधकर धर्म भाई बनाया तो सिलसिला चल निकला। हालांकि इस दफा पद्मभूषण कवि गोपाल दास नीरज जी के निधन के कारण राखी फीकी रहेगी, लेकिन वह उनके घर जरूर जाएंगे।
शमी ने बताया कि सुलहकुल की नगरी में मुस्लिम भाइयों के राखी बंधवाने का सिलसिला काफी पुराना है। शिक्षिका मनोरमा शर्मा भी नई बस्ती के पूर्व पार्षद मकसूद उल्ला खां को राखी बांधती थीं।