सब सामान है उपलब्ध
शादी हो या कोई त्योहार, राजामंडी में महिलाओं की जरूरत का सब सामान उपलब्ध है। गुणवत्ता और विश्वास के साथ हमने अपने ग्राहकों से रिश्ता कायम किया है जो दशकों से बरकरार है। -पद्म जसवानी, महामंत्री
बाजार ने खुद को ढाला
वक्त के साथ राजा मंडी बाजार ने अपने को ढाला है। जब जैसा ट्रेंड चला, बाजार ने अपने को बदला। ग्राहकों से रिश्ते ऐसे बनाए कि ऑन लाइन का असर हमारे मार्केट पर ज्यादा नहीं पड़ा है। -नरेंद्र अमरनानी, महामंत्री
इतिहास: राजा टोडरमल की मंडी बनी प्रमुख बाजार
मुगल बादशाह अकबर के वजीर रहे राजा टोडरमल की जिस जगह हवेली थी, वह अब राजा की मंडी के नाम से प्रसिद्ध हो गई। ब्रिटिश काल में यह राजा टोडरमल की मंडी के नाम से थी। बाद में राजा की मंडी नाम रह गया। पुस्तक ‘मुन्तखवत तारीख’ में इसका जिक्र है। अकबर के दौर में जब आगरा व्यापार का प्रमुख केंद्र था तब राजा टोडरमल ने इस मंडी में सुरक्षा व्यवस्था, यात्रियों के ठहरने का इंतजाम कराया था। राजा की मंडी में पहले भी कपड़े का व्यापार और रंगाई का काम होता था। यहां की एक गली को आज भी गली रंग रेजान कहते हैं। राजा मंडी क्षेत्र में नाथ संप्रदाय का अति प्राचीन मंदिर है। ब्रिटिश काल में यहां इस बाजार के कारण ही 1904 में रेलवे स्टेशन बनाया गया, जो राजा की मंडी नाम से मौजूद है।
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