उत्तर मध्य रेलवे कुली यूनियन के बैनर तले शुक्रवार सुबह को कुलियों ने टूंडला-दिल्ली रेलमार्ग बंद कर दिया। ग्रुप-डी में भर्ती की मांग को लेकर सैकड़ों कुली पोरा-हाथरस रेल ट्रैक पर बैठ गए। इसके चलते रेल चक्का जाम हो गया। ट्रेनें जहां के तहां खड़ी हो गयीं।
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रेल संचालन ठप्प होते ही रेलवे के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस भी कुलियों को रेल ट्रैक से डिगा नहीं सकी। किसी तरह रेल अधिकारियों ने कुलियों को समझा-बुझाकर उन्हें रेल ट्रैक से हटाया तब करीब पांच घंटे बाद रेल संचालन शुरू हो सका।
कुलियों का रेल चक्का जाम यात्रियों पर भारी पड़ा। टूंडला और फिरोजाबाद स्टेशन पर ट्रेनों का आवागमन बंद होने के कारण बड़ी संख्या में यात्री स्टेशन पर ट्रेन के आने का घंटों तक इंतजार करते रहे।
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यात्री हो गए परेशान
टूंडला रेलवे स्टेशन पर घंटों खड़ी रहीं ट्रेनें
- फोटो : अमर उजाला
एक्सप्रेस गाड़ियों में सवार यात्री तो परेशान रहे। इसके साथ ही फर्रुखाबाद की ओर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन, टूंडला कानपुर पैंसेंजर ट्रेन तो दोपहर दो बजे तक स्थानीय रेलवे स्टेशन पर नहीं आई। इस कारण सुबह छह बजे से ट्रेन के इंतजार में बैठे लोग घरों के लिए जाने को विवश हुए।
आजादनगर निवासी रामवती का कहना था कि छह घंटे बीत गए। कोई गाड़ी नहीं आई किससे जाएं। दूर दराज ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले यात्री दूसरी ट्रेन के मिलने का इंतजार करते रहे। हालांकि दो बजे के करीब शताब्दी एक्सप्रेस के साथ अन्य ट्रेनों के आगमन शुरू हो गया।
कुलियों के प्रदर्शन के दौरान टूंडला स्टेशन से दिल्ली की ओर जाने वाली दुरंतो एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, हाबड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, संपर्कक्रांति एक्सप्रेस, सियालदह-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, रांची-नई दिल्ली राजधानी, कानपुर-नई दिल्ली शताब्ब्दी एक्सप्रेस, हल्दिया-आनंद बिहार एक्सप्रेस, बिहार संपर्कक्रांति एक्सप्रेस, डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, महाकाल एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, मडबाड़ी एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस, विक्रमशिला एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल,गरीबरथ एक्सप्रेस, टीएडी दिल्ली पैसेंजर,आगरा-टूंडला दिल्ली पैसेंजर आदि ट्रेनें प्रभावित रहीं।
कानपुर जाने वाली प्रभावित ट्रेनें
कानपुर की ओर जाने वाली नईदिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस, मुरी एक्सप्रेस, कालका मेल, महानंदा एक्सप्रेस, नीलांचल एक्सप्रेस, नॉर्थईस्ट एक्सप्रेस, सीमांचल एक्सप्रेस, बरेली-फर्रुखाबाद पैंसेजर, उड़ीसा संपर्कक्रांति एक्सक्प्रेस के साथ दर्जनों सुपरफास्ट ट्रेनें प्रभावित रहीं।