कासगंज। कासगंज-बरेली रेल ट्रैक विद्युतीकरण के बाद भी टीएसएस (ट्रैक्शन सब स्टेशन) निर्माण की समस्या बनी हुई है। फिलहाल रेलवे ने बदायूं में प्रस्तावित टीसीएस के निर्माण को टाल दिया है। ऐसे में कासगंज टीसीएस ने एक बार में कानपुर-फर्रुखाबा-मथुरा व बरेली ट्रैक पर महज चार ट्रेनों को ही चलाया जा सकता है। ऐसे में कासगंज-बरेली ट्रैक को बदायूं का टीएसएस न बनने तक उत्तर रेलवे के टीएसएस से बिजली देने के प्रस्ताव पर सहमति मांगी है।
कासगंज-बरेली रेललाइन विद्युतीकरण का कार्य काफी समय पहले पूरा कर लिया गया। कार्यदायी संस्था रेल विकास निगम लिमिटेड ने कार्य पूरा कर ट्रायल कर लिया। करीब एक पखवाड़े पहले सीआरएस ने भी यहां पर ट्रायल कर लिया। अब महज ट्रेनें चलने का इंतजार हैं।
हालांकि इसमें सबसे बड़ समस्या इस बात की है कि कासगंज में बने टीएसएस से केवल 4 ट्रेनें एक बार में मथुरा-फर्रुखाबाद और बरेली लाइन पर दौड़ाई जा सकती हैं। ऐसे में अत्यधिक विद्युत भार के लिए बदायूं में टीएसएस का निर्माण प्रस्तावित था, लेकिन रेलवे पहले इसी लाइन पर स्थित भोजीपुरा में टीसीएस बनाएगा।
इसी के चलते बदायूं में फिलहाल इसे टाल दिया गया है। ऐसी स्थिति में बरेली के उत्तर जोन के टीएसएस से सप्लाई देने का प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलने पर एनईआर की ट्रेनें अधिक संख्या में संचालित हो सकेंगी।
- बदायूं में ट्रैक्शन सब स्टेशन का काम होना है। इसके लिए प्रयास तेजी से किया जा रहा है। फिलहाल भोजीपुरा में विद्युतीकरण का काम प्राथमिकता से कर रहे हैं। इस बीच में अतिरिक्त बिजली के लिए उत्तर रेलवे के बरेली जोन से सप्लाई लेने का प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलने पर अतिरिक्त ट्रेनें भी संचालित हो सकेंगी। - कृष्ण मेाहन विश्वकर्मा, प्रबंधक, रेल विकास निगम लिमिटेड।