कासगंज। जिला सत्र न्यायाधीश ज्योत्सना शर्मा के न्यायालय ने पति को पत्नी के आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का दोषी मानते हुए सात साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। हालांकि सास व जिटानी को दोषमुक्त कर दिया है।
प्रवेश कुमारी पुत्री लवकुश निवासी तवालपुर अमापुर की शादी मनोज पुत्र कुंवरपाल निवासी नगला प्रानसुख के साथ 9 जुलाई 2010 को हुई थी। शादी के बाद से ही ससुरालीजनों ने प्रवेश को दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। ससुरालीजनों ने 50 हजार रुपये की मांग की, जिसे पूरा कर दिया गया। इसके बाद 11 अप्रैल 2013 को महिला का शव पेड़ पर लटका मिला। उसके भाई शैलेंद्र ने इसकी रिपोर्ट दर्ज करवाई।
पुलिस ने विवेचना के बाद पति मनोज, सास कुसुमा देवी, जिठानी चरन देवी पर मामला दर्ज कर लिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव सिंह यदुवंशी ने मामले की पैरवी की। कोर्ट ने सास व जिठानी को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। पति को अलग-अलग धाराओं में सात साल की सजा व दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।