पीडब्ल्यूडी अवर अभियंता संतोष यादव का कहना है कि सड़क निर्माण में 20 एमएम की परत बिछाई गई है। रात में ठंडी डामर मिलाने से सड़क उखड़ गई होगी। नया ठेकेदार है। वहीं, निर्माण खंड-2 के अधिशासी अभियंता जेपी सिंह का कहना है कि सड़क की जांच कराई जाएगी। खराब सड़क को दोबारा बनाया जाएगा। लापरवाही पर जवाब-तलब करेंगे।
'28 रुपये किलो डामर का भाव'
पीडब्ल्यूडी के पूर्व सहायक अभियंता आरपी सिंह ने बताया कि सड़क निर्माण में डामर की गुणवत्ता से खिलवाड़ यूं हीं नहीं हो रहा। डामर का भाव 28 रुपये किलो है। एक हजार किलो का ड्रम 28 हजार रुपये का आ रहा है। मानक के मुताबिक एक किमी सड़क में दो से तीन ड्रम डामर इस्तेमाल होनी चाहिए। मुनाफाखोरी के लिए डामर में भी मिलावट शुरू हो गई है।