त्यागपत्र में लगाए ये आरोप
आगरा के उद्यमी और एपेक्स कमेटी के सदस्य पूरन डावर ने अपने त्यागपत्र में आरोप लगाया कि एजीएम वर्ष में एक बार होती है, वर्ष भर में क्या हुआ, उत्तर प्रदेश का क्रिकेट कहां पहुंचा, क्या उपलब्धि रही, क्या कमियां रहीं, उन्हें कैसे दूर किया जाए समेत अन्य बिंदुओं पर चर्चा होती है।
एजीएम का अर्थ यह नहीं है कि एजेंडा पढ़ा जाए और सबको म्यूट कर बिना चर्चा के एजेंडा को पास कर 15 मिनट में इसे समाप्त कर दें। यूपी की टीम छोटे राज्यों आसाम, झारखंड, हैदराबाद जैसी टीमों से हार रही है। यह चिंता का विषय है। यूपी का क्रि केट कहां जा रहा है, यह सोचना और इस पर चर्चा करना जरूरी है। जब चर्चा नहीं करनी तो मैं एपेक्स काउंसिल से इस्तीफा देता हूं।
मेंबरशिप पहले ही समाप्त हो गई
यूपीसीए के कार्यवाहक सचिव मोहम्मद फहीम ने बताया कि पूरन डावर 26 सितंबर को 70 साल के हो गए थे। उनकी मेंबरशिप पहले ही समाप्त हो चुकी है। अब त्यागपत्र देने का कोई मतलब नहीं है। सदस्यों को म्यूट किए जाने का आरोप गलत है। सभी से हर एजेंडे पर विस्तार से चर्चा हुई है। सभी के बैलेट पेपर आने के बाद दो जनवरी को मुद्दों पर निर्णय लिया जाएगा।