आगरा नगर निगम सदन के नए बोर्ड की कार्यकारिणी की दूसरी बैठक में आम जनता पर बोझ डालने वाले प्रस्तावों को तुरंत मंजूर कर लिया गया, लेकिन विकास कार्यों के 12 प्रस्तावों पर चर्चा ही नहीं की गई। जलभराव, टूटी सड़कों, स्ट्रीट लाइटों, इंटरलॉकिंग टाइल्स की नई सड़कों, पेयजल योजना समेत किसी प्रस्ताव को पास नहीं किया गया। वहीं पार्षदों के घूमने के प्रस्ताव को चर्चा के लिए सदन में भेज दिया गया।
मेयर हेमलता दिवाकर की अध्यक्षता में हुई नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में आम जनता की जेब पर 25 गुना तक बोझ डालने वाले प्रस्तावों को पढ़ते ही पारित कर दिया गया। पार्षदाें के गोवा, दार्जिलिंग, कश्मीर, केरल आदि जगहों पर स्टडी टूर के प्रस्ताव को चर्चा के लिए सदन में भेज दिया गया। पार्षद अलग-अलग पर्यटन स्थलों में स्टडी टूर के नाम पर घूमने जा चुके हैं, पर वहां से कुछ सीखकर नहीं आए। अंडमान-निकोबार, गोवा समेत कई स्थलों की सैर बीते सदन में पार्षद कर चुके हैं।
विकास के इन कामों पर विचार नहीं
- वार्ड 37 में सेक्टर 8 स्थित इंटर काॅलेज वाली रोड पर नाली, इंटरलॉकिंग टाइल्स
- शहर के सभी 100 वार्डों में 60-60 स्ट्रीट लाइटें उपलब्ध कराने का प्रस्ताव
- शहर के सभी 100 वार्डों में नाली, सड़क, खड़ंजे के लिए 60-60 लाख के काम
- नगला अजीता में गली नंबर 45 में नाली और इंटरलॉकिंग का निर्माण कार्य
- आवास विकास में सड़क, नाली और इंटरलॉकिंग का काम
- श्यामपुरम वाल्मीकि बस्ती में जलभराव दूर करने के लिए नाला, सड़क निर्माण
- पार्षदों को जनहित के काम करने के लिए लैपटॉप और प्रिंटर देने का प्रस्ताव
- नगला अजीता में मकान नंबर 45/123 के पास तीन गलियों का निर्माण कार्य
- नालबंद चौराहा पर नाले में कचरा फेंकने से बचाने के लिए ऊंची जाली का निर्माण
- नजूल की जमीन पर बसी 50 साल पुरानी बस्तियों में निगम का असेसमेंट
सरकारी प्रस्तावों पर ही चर्चा
उपसभापति रवि बिहारी माथुर ने बताया कि कार्यकारिणी में सरकारी प्रस्तावों और नीतिगत मामलों पर ही चर्चा की गई। तय हुआ कि विकास कार्यों के प्रस्ताव तो सीधे नगर आयुक्त ही कर सकते हैं, इसलिए इन्हें कार्यकारिणी में लाने का कोई औचित्य नहीं।