अजिंक्य देवगिरी प्रतिष्ठान के अध्यक्ष विनोद पाटील
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आगरा किले का दीवाने-ए-आम छत्रपति शिवाजी के स्वाभिमान का प्रतीक है। यहां औरंगजेब के दरबार में शिवाजी ने साहस का परिचय दिया था। इसीलिए इस जगह को शिव जयंती के लिए चुना है। यह कहना है अजिंक्य देवगिरी प्रतिष्ठान के अध्यक्ष विनोद पाटील का। शनिवार को उन्होंने आगरा में प्रेसवार्ता कर आगरा किले को आयोजन के लिए क्यों चुना, सवाल के जवाब में बोल रहे थे।
विनोद पाटिल ने बताया कि समारोह में दो हजार से अधिक लोग शामिल होंगे। शाम 7:00 बजे से रात 10:00 बजे तक 3 घंटे के लिए कार्यक्रम की अनुमति मिली है। समारोह में मुख्य अतिथि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे रहेंगे। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के लोगों के दिलों में आगरा के लिए खास जगह है।
आगरा के किले से शिवाजी के साहस और स्वाभिमान की कहानियां सुनते रहे हैं। उन्हीं यादों को नाटय के माध्यम से जीवंत किया जाएगा। उन्होंने कहा आगरा किले में आयोजन को लेकर जो सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगरा किला शिवाजी के युद्ध कुशल रणनीति का भी प्रतीक है। कैसे उन्होंने यहां से निकल कर स्वराज्य की स्थापना की। हम शिवाजी की ऐतिहासिक स्वराज की विचार को लेकर आगे बढ़ रहे। सभी लोगों का सहयोग मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह महाराष्ट्र से आकर हमने आगरा में कार्यक्रम कर रहे हैं उसी तरह भविष्य में आगरा से भी लोगों को महाराष्ट्र बुलाकर कार्यक्रम किए जाएंगे। इससे दो राज्यों की सांस्कृति आदान प्रदान होगा। दो राज्यों के संबध मजबूत बनेंगे।