लेडी लायल अस्पताल में सात माह की गर्भवती महिला को पर्चे पर 'अर्जेंट' लिखे होने के बावजूद अल्ट्रासाउंड के लिए घंटों लाइन में इंतजार करना पड़ा। इस दौरान उसे प्रसव पीड़ा होने लगी, जिसके बाद परिजन अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उसे घर ले गए।
आगरा के लेडी लायल (महिला अस्पताल) की लचर व्यवस्था के कारण बृहस्पतिवार को एक गर्भवती महिला की जान आफत में पड़ गई। उन्हें अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भीड़ में खड़े होने के दौरान अचानक पीड़ा होने लगी। साथ आई मां भी परेशान हो गईं। बाद में पीड़ा कम होने पर परिजन घर ले गए।
वाटरवर्क्स निवासी सात महीने की गर्भवती पूनम अपनी मां मंजू के साथ अल्ट्रासाउंड कराने आई थीं। पर्चे पर अर्जेंट लिखे होने के बावजूद उन्हें ढाई घंटे तक भीड़ में खड़े रहना पड़ा। सुबह 10 बजे लाइन में लगने के बाद 11 बजे पर्चा बना। दोपहर डेढ़ बजे तक अल्ट्रासाउंड न होने से पूनम को प्रसव पीड़ा होने लगी। बेटी की खराब होती हालत देख मंजू नाराज हो गईं और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। करीब ढाई घंटे बाद जैसे-तैसे अल्ट्रासाउंड हुआ, जिसमें बच्चा सुरक्षित मिला। इसके बाद मां रोती हुई बेटी को घर ले गई।
रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एके सियाल ने बताया कि उनकी ड्यूटी तीन दिन लेडी लायल और तीन दिन जिला अस्पताल में रहती है। दूसरे डॉक्टर के पोस्टमार्टम ड्यूटी पर होने से बुधवार को काम प्रभावित रहा, जिससे बृहस्पतिवार को भीड़ ज्यादा आ गई। अकेले 50-60 अल्ट्रासाउंड करने पड़े। पूनम की स्थिति नाजुक देख तुरंत जांच की, जिसमें बच्चा सामान्य है। भीड़ संभालने के लिए मेडिकल कॉलेज से भी डॉक्टर बुलाए जाने चाहिए।
वहीं अस्पताल की अधीक्षक डॉ. पुष्पलता ने मामले को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि रेडियोलॉजिस्ट की कमी को लेकर शासन स्तर पर पत्राचार किया जाएगा। मरीजों और गर्भवती माताओं की सहूलियत के लिए मेडिकल कॉलेज से संपर्क कर अतिरिक्त डॉक्टरों की मांग की जा रही है।