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Health News: गर्भवती को दांत-मसूड़ों में संक्रमण है तो...शिशु को तीन गुना तक खतरा, चिकित्सक ने दिए ये सुझाव

Mon, 07 Apr 2025 03:47 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

गर्भवती महिलाओं के यदि दांत-मसूड़ों में संक्रमण है, तो गर्भस्थ शिशु का विकास भी प्रभावित हो सकता है। इसलिए दांत-मसूड़ों में तकलीफ होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
 
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pregnant woman - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मां के दांत-मसूड़ों की बीमारी से गर्भस्थ शिशु का विकास भी प्रभावित हो रहा है। समय से पहले प्रसव और शिशु के दांत खराब होने का खतरा तीन गुना रहता है। फतेहाबाद रोड स्थित होटल में इंडियन एसोसिएशन कंजरवेटिव डेंटिस्ट्री एंड एंडोडोंक्टिस की कार्यशाला में विशेषज्ञों ने इस पर चिंता जताई।
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तीन दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन डॉक्टरों ने दांतों की देखभाल पर जोर दिया। डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष डॉ. दिव्येंदु मजूमदार ने बताया कि दांत-मसूड़ों में संक्रमण से म्यूटेंस स्ट्रेप्टोकोकी कीटाणु पनपता है। गर्भवती के दांत-मसूड़ों में सड़न-संक्रमण है तो गर्भस्थ शिशु के दांत खराब होने का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है। शिशु का वजन कम होने, समय पूर्व प्रसव की भी दिक्कत होती है। 12 फीसदी मामलों में ये विकार मिल रहे हैं।

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लातूर के डॉ. अभिषेक बादाडे ने बताया कि दूध कम पीने से भी बच्चों के दांतों का विकास कम हो रहा है। बच्चाें को फास्ट फूड से बचाना चाहिए। दूध पिलाने के बाद बच्चों को कुल्ला जरूर करवाएं। मेरठ की विनीता निखिल ने बताया कि मुलायम भोजन, दांतों से काटकर न खाने और मोटा अनाज कम खाने से मसूड़ों का व्यायाम नहीं हो पाता है। मांसपेशियां कमजोर होने से जबड़ा सीमित हो रहा है। लोगों में 32 के बजाय 28 दांत मिल रहे हैं। दाढ़ दबी रह जाती है, दांत भी टेढ़े-मेढ़े निकल रहे हैं।

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एआई से बीमारियां कर रहे चिह्नित
- एम्स नई दिल्ली के डॉ. अजय लुगानी ने बताया कि दांतों की बीमारियों के इलाज और जांच में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद ली जा रही है। इसमें दांत-जड़ों में कितनी सड़न है, क्या बीमारी है, नसों में कितना संक्रमण है। एआई मॉडल से सब पता हो जाता है। दुर्घटना में दांतों में चोट के बारे में भी एआई से सटीक जांच हो जा रही है।

 
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ये दिए सुझाव
- दांत-मसूड़ों में तकलीफ होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
- मुलायम ब्रश इस्तेमाल करें, हर तीन महीने में ब्रश बदलें।
- गर्भावस्था में दांतों की सफाई कराएं, दो बार ब्रश करें।
- मोटा अनाज खाएं, भोजन-फलों को खूब चबाकर खाएं।
- अत्यधिक गर्म और ठंडी सामग्री खाने-पीने से बचें।
- चाय-काफी, जंक फूड और कोल्ड ड्रिंक से बचें।

 
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