पत्नी से विवाद के बाद संविदा विद्युतकर्मी रामनरेश ने बटेश्वर के नौरंगी घाट पुल से यमुना में छलांग लगा दी। रेस्क्यू के दौरान नदी में मगरमच्छ दिखाई देने से गोताखोर पीछे हट गए, जिसके बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने जाम लगा दिया।
आगरा के बटेश्वर धाम स्थित नौरंगी घाट पुल से शुक्रवार सुबह गृहकलह से क्षुब्ध युवक ने यमुना में छलांग लगा दी। टेंपो चालक की सूचना पर पहुंची पुलिस को पुल की रेलिंग के पास युवक की चप्पलें पड़ी मिलीं। पुलिस के बताने पर परिजन भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान नदी में मगरमच्छ दिखाई देने पर रेस्क्यू के लिए लाए गए गोताखोरों ने नदी में उतरने से इन्कार कर दिया। बचाव कार्य रुकने से आक्रोशित परिजन और ग्रामीणों ने पुल पर ट्रक खड़ा कर जाम लगा दिया, जिससे एक घंटे तक आवागमन बाधित रहा। जाम खुलवाने के लिए परिजन और ग्रामीणों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई।
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सुबह करीब 10:30 बजे नसीरपुर जिला फिरोजाबाद के निवासी रामनरेश (40) नसीरपुर विद्युत उपकेंद्र में संविदा पर लाइनमैन के पद पर तैनात थे। सुबह वह टेंपो से बटेश्वर धाम स्थित नौरंगी घाट पुल पर पहुंचा और वहीं से उसने यमुना में छलांग लगा दी। टेंपो चालक रामनरेश को पहले से जानता था तो उसने मामले की जानकारी नौरंगी घाट चौकी और बटेश्वर चौकी पुलिस को दी। नौरंगी घाट चौकी प्रभारी और बटेश्वर चौकी इंचार्ज स्थानीय गोताखोरों को लेकर मौके पर पहुंचे। सूचना पाकर परिजन और ग्रामीण भी वहां पहुंच गए।
गोताखोर अनिल गोस्वामी और राजकुमार नरवरिया जैसे ही नदी में उतरने लगे, तभी वहां एक मगरमच्छ दिखाई दिया। मगरमच्छ को देख गोताखोरों ने नदी में उतरने से इनकार कर दिया। रेस्क्यू रुकने से आक्रोशित परिजन और ग्रामीणों ने पुल पर ट्रक खड़ा कर जाम लगा दिया। जाम करीब एक घंटे तक लगा रहने से यातायात व्यवस्था अवरुद्ध हो गई। जाम खुलवाने के दौरान परिजन और ग्रामीणों की पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई। मामले की जानकारी के बाद सीओ सिरसागंज चंचल त्यागी भी मौके पर पहुंच गईं। सीओ के समझाने और संभ्रांत लोगों के हस्तक्षेप पर पीएसी के विशेषज्ञ गोताखोरों को बुलाए जाने के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम खोला। देर रात तक पुलिस और ग्रामीण गोताखोरों की टीम के आने का इंतजार कर रहे थे।
पत्नी से विवाद के बाद उठाया आत्मघाती कदम
रामनरेश के भतीजे मुकेश ने बताया कि सुबह चाचा रामनरेश का चाची सुलेखा से विवाद हुआ था। इसके बाद वह घर से निकल आए और यमुना में छलांग लगा दी। रामनरेश ने अपने पीछे पत्नी के अलावा तीन बच्चों को बिलखते छोड़ा है। बड़ी बेटी का विवाह हो चुका है, जबकि एक बेटा और एक बेटी अविवाहित हैं।
एसीपी बाह जितेंद्र कुमार ने बताया कि आगरा और फिरोजाबाद से पीएसी के गोताखोरों को बुलाकर संविदा विद्युतकर्मी की नदी में तलाश कराई जा रही है। फिलहाल घटना के संबंध में परिजन की ओर से तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।