आगरा में निजी बिजली कंपनी टोरेंट पॉवर व दंक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के खिलाफ बिजली समस्याओं को लेकर आंदोलन की रणनीति के लिए बुधवार को सूरसदन में आयोजित समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता सम्मेलन में एक घंटे बत्ती गुल हो गई। आक्रोशित सपाइयों ने हंगामा करते हुए सूरसदन प्रेक्षागृह से निकल कर एमजी रोड तिराहा पर आ गए। धरने का एलान करते हुए पुलिस कर्मियों ने टोरेंट अधिकारियों से बात की। एक घंटे बाद विद्युत आपूर्ति सुचारू होने पर दोबारा सम्मेलन शुरू हो सका।
पूर्व केंद्रीय मंत्री व सपा राष्ट्रीय महासचिव रामजी लाल सुमन ने आंदोलन का बिगुल फूंका। जिलाध्यक्ष मधुसूदन शर्मा ने कहा रिकवरी व झूठे मुकदमे लाद कर डीवीवीएनएल किसानों का शोषण कर रहा है। किसानों के हक की लड़ाई सपा सड़कों पर लड़ेगी। पूर्व विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने कहा नलकूप कनेक्शन में जीएसटी लगाकर सरकार किसानों की कमर तोड़ रही है। जिसे समाजवादी लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे।
शहर अध्यक्ष चौ. वाजिद निसार ने कहा, टोरेंट पॉवर की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सपा नेताओं ने सम्मेलन में एलान किया कि 15 हजार कार्यकर्ताओं के साथ डीवीवीएनएल और टोरंट कार्यालय का घेराव किया जाएगा। सम्मेलन में महानगर उपाध्यक्ष रिजवानुद्दीन (प्रिंस), मुलायम सिंह यूथ बिग्रेड जिलाध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी, वरिष्ठ सपा नेता राहुल चतुर्वेदी, पूर्व जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव, गौरव यादव, अनिल रावत, जेपी यादव, सचिन चतुर्वेदी, विष्णु प्रधान, संजय तोमर, पवन दौनेरिया, पुष्पेंद्र शर्मा, सौरभ गुप्ता, बबलू शरीफ, मुकेश यादव, लाल सिंह लोधी, राकेश धनगर आदि ने बिजली समस्याओं के विरोध में हल्ला बोल का एलान किया है।
एमजी रोड पर पहुंचे सपाई
सुबह 11.30 बजे सपाईयों का सूरसदन पर पहुंचना शुरू हो गया था। सम्मेलन शुरू होते हुए 12 बजे बिजली चली गई। गर्मी में आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने सूरसदन में हंगामा शुरू कर दिया। योगी सरकार पर ठीकरा फोड़ते हुए बिजली काटने की साजिश के आरोप लगाए। कार्यकर्ता सम्मेलन से बाहर निकल कर सूरसदन तिराहा एमजी रोड पर पहुंच गए। जहां पुलिस फोर्स ने उन्हें समझाया। टोरेंट अधिकारियों से वार्ता की। दोपहर एक बजे बिजली आपूर्ति बहाल होने पर दोबारा सम्मेलन शुरू हुआ।
मंच पर अनुशासन भूले कार्यकर्ता
कार्यकर्ता सम्मेलन में मंच पर सपाई अनुशासन भूल गए। राष्ट्रीय महासचिव रामजी लाल सुमन ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा यहां ऐसे भी कार्यकर्ता हैं जो 35 सालों से सपा से जुड़े हुए हैं। उन्हें मंच पर स्थान नहीं मिला। जबकि नए कार्यकर्ता व पदाधिकारी मंच पर बैठ गए हैं।