खानपान की अनदेखी से गर्भवती महिलाओं के लिए खतरनाक है। महिला चिकित्सालय (लेडी लॉयल) की ओपीडी आंकड़ों के मुताबिक यहां रोजाना लगभग 200 गर्भवती महिलाएं पंजीकरण कराती हैं, इनमें से लगभग 70 फीसदी महिलाएं एनीमिया (खून की कमी) से ग्रसित मिल रही हैं।
आगरा के लेडी लॉयल अस्पताल की ओपीडी में पंजीकरण कराने वाली लगभग 70 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं एनीमिया यानी खून की कमी से पीड़ित मिल रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार, खानपान की अनदेखी और हीमोग्लोबिन जांच को नजरअंदाज करने से मां और नवजात दोनों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा बढ़ रहा है।
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. वंदना ने बताया कि इसका सबसे बड़ा कारण जागरूकता की कमी है। देखा जाए तो गर्भवती महिलाएं भी खानपान की अनदेखी करती हैं। साथ ही उनका ध्यान सिर्फ अल्ट्रासाउंड कराने पर रहता है। खून की जांच (हीमोग्लोबिन टेस्ट) को नजरअंदाज कर देती हैं। बताया कि शरीर में खून की कमी होने पर डिलीवरी के समय अत्यधिक रक्तस्राव का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जो मां और नवजात शिशु दोनों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। एनीमिया के कारण बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास भी बाधित होता है।
इसका ध्यान रखें
- अल्ट्रासाउंड के साथ, हीमोग्लोबिन की भी नियमित जांच कराएं।
-आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, गुड़, चना, अनार और चुकंदर शामिल करें।
- डॉक्टर की ओर से दी गई आयरन की गोलियों का नियमित सेवन करें।
- बाहर के जंक फूड से बचें और घर का बना संतुलित आहार लें।